फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Antilia bomb scare Mansukh Hiren wife statement Sachin Vaze use Scorpio four months

एंटीलिया मामला: सचिन वाजे ने चार महीने चलाई थी स्कॉर्पियो, नवंबर 2020 में मनसुख से ली थी गाड़ी

Wed, 10 Mar 2021 02:43 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: देव कश्यप Updated Wed, 10 Mar 2021 02:43 AM IST
विज्ञापन
Antilia bomb scare Mansukh Hiren wife statement Sachin Vaze use Scorpio four months
एंटीलिया के बाहर मिली विस्फोटकों से भरी स्कॉर्पियो और उसका मालिक मनसुख (फाइल फोटो) - फोटो : Amar Ujala

रिलायंस समूह के मालिक मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर मिली विस्फोटकों से भरी स्कॉर्पियो कार के मालिक मनसुख हिरेन की मौत मामले में नया मोड़ आ गया है। जिस पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वाजे को जांच की जिम्मेदारी दी गई थी उसने चार महीने तक इस स्कॉर्पियो कार का इस्तेमाल किया था। हिरण की पत्नी विमला हिरेन ने एटीएस को दिए जवाब में यह खुलासा किया है। उन्होंने आशंका जताई कि उनके पति की हत्या में भी सचिन वाजे का हाथ है। 

विज्ञापन


मनसुख हिरेन की मौत के मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने एफआईआर दर्ज करने के बाद मनसुख की पत्नी का जवाब दाखिल किया। विमला ने बताया कि सचिन वाजे उनके पति के संपर्क में थे। नवंबर 2020 में वाजे ने मनसुख से स्कॉर्पियो कार इस्तेमाल करने के लिए ली थी। 5 फरवरी 2021 को वाजे ने अपने ड्राइवर के हाथों कार वापस लौटा दी थी।
विज्ञापन


विमला ने कहा, 'एंटीलिया के पास संदिग्ध अवस्था में कार मिलने के बाद 26 फरवरी को मेरे पति मनसुख इंस्पेक्टर सचिन वाजे के साथ मुंबई अपराध शाखा गए थे। उसके बाद तीन दिन लगातार सचिन वाजे क्राइम ब्रांच के दफ्तर ले गया।' उन्होंने बताया कि 'मनसुख ने जांच के दौरान जो जवाब दिए उसकी कॉपी भी घर लेकर आए और उन पर सचिन वाजे के हस्ताक्षर भी हैं। वाजे ने मनसुख से कहा था कि गिरफ्तार हो जाओ। दो-तीन दिन में जेल से बाहर निकाल लेंगे।'
विज्ञापन
विज्ञापन


सुबूत के बावजूद वाजे को क्यों बचाया जा रहा: फडणवीस 
विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में विमला हिरेन के बयान का हवाला देते हुए पूछा कि सचिन वाजे के खिलाफ सुबूत होने के बावजूद उसे क्यों बचाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'मनसुख हिरेन की आखिरी लोकेशन वसई में मिली है। वसई के पार्षद धनंजय गावड़े और सचिन वाजे पर साल 2017 में 40 लाख रुपए रंगदारी मांगने का आरोप लगा था और दोनों इसी मामले में जमानत पर हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि 'हो सकता है कि ये दोनों मनसुख को वसई ले गए और हत्या को अंजाम दिया।' इसके बाद पुलिस ने दूसरे दिन मुंब्रा के रेतीबंदर खाड़ी में मनसुख हिरेन का शव बरामद किया। फडणवीस ने एटीएस की जांच पर भी सवाल उठाया जिस पर गृहमंत्री देशमुख ने कहा कि एटीएस की जांच सही दिशा में चल रही है।


सचिन वाजे के निलंबन और गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा विपक्ष
विधानसभा में विपक्ष सचिन वाजे को तत्काल निलंबित कर गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़ गया। इससे सदन में जमकर हंगामा हुआ। फडणवीस ने सचिन को धारा 201 (सबूत मिटाने) के तहत तत्काल गिरफ्तार करने और निलंबित करने की मांग की। वहीं, परिवहन मंत्री अनिल परब ने मोहन डेलकर की आत्महत्या का जिक्र कर विपक्षी दल भाजपा को घेरने का प्रयास किया। इस पर फडणवीस ने दावा किया कि सुसाइड नोट में किसी भाजपा नेता का नाम नहीं है। प्रशासक का नाम है जो किसी राजनीतिक दल से संबंधित नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed