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Maharashtra: BJP ने पवार के खिलाफ सौंपा विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव, शिंदे सरकार को बताया था 'महाराष्ट्र विरोधी'
Thu, 02 Mar 2023 09:43 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 02 Mar 2023 09:43 PM IST
सार
भाजपा के प्रवीण दारेकर ने गुरुवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता पवार के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव उपसभापति नीलम गोरहे को सौंपा है। उन्होंने कहा, पवार ने निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा बनाई गई सरकार का अपमान किया है।
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अजीत पवार
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
भाजपा ने गुरुवार को विधान परिषद में राज्य सरकार को कथित तौर पर 'महाराष्ट्र विरोधी' बताने के लिए विधानसभा में विपक्ष के नेता अजित पवार के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश किया। सत्र शुरू होने से एक दिन पहले अजित पवार ने कहा था कि शिंदे के नेतृत्व वाली राज्य सरकार महाराष्ट्र विरोधी है, क्योंकि वह बड़ी निवेश परियोजनाओं को राज्य से बाहर जाने दे रही है।
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भाजपा के प्रवीण दारेकर ने गुरुवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता पवार के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव उपसभापति नीलम गोरहे को सौंपा है। उन्होंने कहा, पवार ने निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा बनाई गई सरकार का अपमान किया है। हम (विपक्ष) महाराष्ट्र विरोधी सरकार के चाय के निमंत्रण में शामिल नहीं होंगे, ये पवार के शब्द थे। परिषद में विपक्ष के नेता भी उनके बगल में बैठे थे।
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उन्होंने कहा, चाय का निमंत्रण सरकार की ओर से था। क्या हमें इसे उन सभी विधायकों और विधान पार्षदों का अपमान मानना चाहिए जो इस सरकार का हिस्सा हैं? विपक्ष के नेता के पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह के अनुचित और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था। उनकी टिप्पणियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
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उपसभापति गोरहे ने कहा कि प्रस्ताव पर फैसला आठ मार्च के बाद लिया जाएगा। बुधवार को राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कोल्हापुर में विधिमंडल को 'चोरमंडल' कहा था, जिससे विधायक नाराज हो गए थे और उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव दायर किया गया था। विधानसभा स्पीकर ने इसकी सुनवाई के लिए एक समिति का गठन भी किया।
उसी दिन विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने विपक्षी विधायकों को कथित तौर पर 'राष्ट्र विरोधी' बताने के लिए सीएम शिंदे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था। सत्र से पहले पारंपरिक चाय पार्टी पर विपक्ष के बहिष्कार का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा था कि इसने उन्हें 'राष्ट्र विरोधियों' के साथ चाय पीने से बचाया। शिंदे ने गुरुवार को जेल में बंद राकांपा नेता और पूर्व मंत्री नवाब मलिक को 'राष्ट्र विरोधी' बताया था और अपनी पहले की टिप्पणी वापस लेने से इनकार कर दिया था।