Hindi Row: 'कांग्रेस काल में भी तीसरी अनिवार्य भाषा थी हिंदी, DMK ने तमिल को कभी...'; त्रिभाषा विवाद पर भाजपा
एनईपी 2020 और तीन भाषा नीति के समर्थन में इस महीने की शुरुआत में शुरू किए गए हस्ताक्षर अभियान को भी अन्नामलाई ने सफल बताया। उन्होंने कहा कि 18 दिनों में 26 लाख हस्ताक्षर प्राप्त हुए हैं। वहीं,डीएमके पर तंज कसते हुए अन्नामलाई ने कहा कि उन्होंने भी कई हस्ताक्षर अभियान शुरू किए हैं। इनमें नीट के खिलाफ अभियान भी शामिल है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तमिलनाडु में भाषा विवाद गहराता जा रहा है। अब भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के अन्नामलाई ने दावा किया है कि तमिलनाडु में कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के दौरान हिंदी 'अनिवार्य' तीसरी भाषा थी। उन्होंने कहा कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही थे जिन्होंने किसी भी भारतीय भाषा को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ने का विकल्प दिया। आगे उन्होंने नई शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि पीएम मोदी ने तमिलनाडु के संदर्भ में ही 'तमिल' को कक्षा 1-5 तक की शिक्षा के लिए अनिवार्य माध्यम बना दिया है, जबकि तमिलनाडु में कई सालों तक राज करने के बाद भी डीएमके ने तमिल भाषा को अनिवार्य नहीं बनाया।
तिरुचिरापल्ली में एक एक जनसभा को संबोधित करते हुए अन्नामलाई ने चीन, जर्मनी और जापान जैसे देशों का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आज ये देश इसलिए भी विकसित हो पाए हैं क्योंकि वे अपने बच्चों को मातृभाषा में शिक्षा देते हैं। उन्होंने कहा कि पहली दो शिक्षा नीतियों में हिंदी अनिवार्य तीसरी भाषा थी और एनईपी 2020 के मसौदे में भी ऐसा ही है। आगे त्रिभाषा नीति का जिक्र करते हुए अन्नामलाई ने कहा कि मई 2019 में मोदी सरकार ने एनईपी के मसौदे में तीसरी भाषा को हिंदी से बदल कर अपनी पसंद की कोई भी भी भारतीय भाषा चुनने का विकल्प रखा था। इसके साथ ही अब एनईपी आपकी पसंद की तीसरी भाषा प्रदान करती है। आप तेलुगु, कन्नड़, मलयालम या हिंदी भी पढ़ सकते हैं। यह 3-भाषा नीति है।
नीट के खिलाफ डीएमके के अभियान का क्या हुआ?
एनईपी 2020 और तीन भाषा नीति के समर्थन में इस महीने की शुरुआत में शुरू किए गए हस्ताक्षर अभियान को भी अन्नामलाई ने सफल बताया। उन्होंने कहा कि 18 दिनों में 26 लाख हस्ताक्षर प्राप्त हुए हैं। वहीं,डीएमके पर तंज कसते हुए अन्नामलाई ने कहा कि उन्होंने भी कई हस्ताक्षर अभियान शुरू किए हैं। इनमें नीट के खिलाफ अभियान भी शामिल है। अन्नामलाई ने पूछा कि डीएमके के नीट विरोधी हस्ताक्षर अभियान का क्या हुआ, इस पर कितने लोगों ने हस्ताक्षर किए... कोई नहीं जानता।
यह भी पढ़ें: Tamil Nadu: 'एनईपी एक भगवा नीति, बर्बाद कर देगी तमिलनाडु की शिक्षा प्रणाली', सीएम स्टालिन का आरोप
स्टालिन भ्रम में जी रहे- अन्नामलाई
आगे अपने संबोधन में अन्नामलाई ने सीएम स्टालिन और उनके मंत्रियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई डीएमके नेता उत्तर भारतीयों के बारे में बुरा बोल रहे हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। सीएम स्टालिन इस भ्रम में जी रहे हैं कि उनकी पार्टी राज्य में 2026 के विधानसभा चुनावों में 200 से अधिक सीटें जीतेगी। लेकिन ऐसा नहीं होगा।
ये भी पढ़ें- भाषा को राजनीतिक पूंजी न बनाएं: त्रिभाषा फॉर्मूले पर सहमति के बाद कैसा विरोध! क्या चुनावी दिनों की गोलबंदी...?
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.