Result: 'वे शराब और पैसे में डूब गए, मेरी बात मानते तो...'; शिष्य केजरीवाल और आप की हार पर बोले अन्ना हजारे
अन्ना हजारे ने कहा कि मैं लंबे समय से कह रहा हूं कि चुनाव लड़ते समय उम्मीदवार के पास चरित्र होना चाहिए, अच्छे विचार होने चाहिए और उसकी छवि पर कोई आंच नहीं आनी चाहिए। लेकिन, उन्हें (AAP) यह नहीं मिला। वे शराब और पैसे में उलझ गए।
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दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणामों में भाजपा ने आम आदमी पार्टी के विजयरथ को इस बार रोक दिया है। अब तक आए आंकडों में तस्वीर लगभग साफ हो गई है। इसके मुताबिक, दिल्ली में 27 साल बाद भाजपा अपनी सरकार बना सकती है। सीएम आतिशी को छोड़कर दिल्ली की लगभग पूरी कैबिनेट को हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, अन्ना हजारे ने आम आदमी पार्टी की हार पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आप की हार के लिए अरविंद केजरीवाल की शराब नीति को जिम्मेदार ठहराया। अन्ना हजारे ने कहा कि शराब नीति और पैसे पर पूरा ध्यान लगाने के कारण डूब गई।
अन्ना हजारे ने आप की हार के लिए बताया इसे जिम्मेदार
अन्ना हजारे ने कहा कि मैं लंबे समय से कह रहा हूं कि चुनाव लड़ते समय उम्मीदवार के पास चरित्र होना चाहिए, अच्छे विचार होने चाहिए और उसकी छवि पर कोई आंच नहीं आनी चाहिए। लेकिन, उन्हें (AAP) यह नहीं मिला। वे शराब और पैसे में उलझ गए, इससे उनकी (अरविंद केजरीवाल) छवि को नुकसान हुआ। मैनें पहले भी उसे (अरविंद केजरीवाल) को समझाया था, लेकिन उनके दिमाग में नहीं आया। वे शराब और पैसे में बह गए।
वे बात चरित्र की करते हैं और फिर शराब में डूब जाते हैं
अन्ना हजारे ने आगे कहा कि लोगों ने देखा कि अरविंद केजरीवाल बात चरित्र की बात करते हैं, लेकिन शराब में शामिल हो जाते हैं। हजारे ने कहा कि राजनीति में आरोप लगते हैं और उन्हें साबित करना पड़ता है कि वो दोषी नहीं है। अन्ना हजारे ने आगे कहा कि आप इसलिए हारी क्योंकि वह निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करने की जरूरत को समझने में असफल रही। उसने गलत रास्ता अपना लिया आप की गाड़ी में पैसे ने आगे की सीट ले ली और लोगों की सेवा ने पीछे हो गई।
गौरतलब है कि साल 2011 में अन्ना हजारे के नेतृत्व में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन हुआ था। इस आंदोलन के बाद ही केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) की स्थापना साल 2012 में हुई थी। केजरीवाल को हजारे का समर्थक माना जाता है, लेकिन 2012 में आप का गठन करने के बाद दोनों अलग हो गए।