फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Anna Chandy of Kerala was the first female judge of the country

देश की पहली महिला जज थीं अन्ना चांडी, महिलाओं के अधिकारों के लिए उठाई आवाज

Mon, 18 May 2020 06:15 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Mon, 18 May 2020 06:15 PM IST
सार

  • भारत की पहली महिला जज थीं केरल की अन्ना चांडी
  • महिलाओं के विभिन्न अधिकारों के लिए उठाई आवाज
  • अन्ना चांडी 1959 में बनी थीं केरल हाईकोर्ट की जज
  • कानून की डिग्री लेने वाली केरल की पहली महिला बनीं

विज्ञापन
Anna Chandy of Kerala was the first female judge of the country
Anna chandi - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

भारत की पहली महिला जज अन्ना चांडी केरल की रहने वाली थीं। अन्ना चांडी को महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाने के लिए भी जाना जाता था। अन्ना चांडी का जन्म चार मई 1905 को केरल (उस समय का त्रावणकोर) के त्रिवेंद्रम के एक ईसाई परिवार में हुआ था। 91 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था।

विज्ञापन


उन्होंने 1926 में कानून में स्नातकोत्तर की डिग्री ली। उस समय कानून की डिग्री लेने वालीं अन्ना अपने राज्य की पहली महिला थीं। इसके बाद उन्होंने बैरिस्टर के तौर पर अदालत में प्रैक्टिस शुरू की। 1937 में केरल के दीवान सर सीपी रामास्वामी अय्यर ने चांडी को मुंसिफ के तौर पर नियुक्त किया। 
विज्ञापन


1959 में बनीं केरल हाईकोर्ट की जज
इसके बाद अन्ना भारत की पहली महिला जज बन गईं। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 1948 में चांडी की पदोन्नति हुई और वो जिला जज बन गईं। भारत के किसी भी हाईकोर्ट की पहली महिला जज के तौर पर भी अन्ना चांडी का नाम आता है। 1959 में अन्ना को केरल हाई कोर्ट का जज नियुक्त किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


महिलाओं के अधिकारों के लिए उठाई आवाज
अन्ना चांडी ने 1967 तक हाईकोर्ट के न्यायधीश के पद पर सेवाएं दीं। हाईकोर्ट से सेवानिवृत्ति के बाद चांडी को लॉ कमीशन ऑफ इंडिया में नियुक्त कर दिया गया। उन्हें महिलाओं के विभिन्न अधिकारों के लिए भी आवाज उठाई। 


चांडी ने ‘श्रीमती’ नाम से एक पत्रिका भी निकाली जिसमें उन्होंने महिलाओं से जुड़े मुद्दों को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने ‘आत्मकथा’ नाम से अपनी ऑटोबायोग्राफी भी लिखी थी। 1996 में केरल में 91 साल की उम्र में जस्टिस चांडी का निधन हो गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed