Chandrababu Naidu: हाईकोर्ट से चंद्रबाबू नायडू को झटका, तीन जमानत याचिकाएं खारिज; सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तेदेपा के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू को 371 करोड़ रुपये के कौशल विकास घोटाले में गिरफ्तार किया गया है। राज्य के अपराध जांच विभाग ने उन्हें नौ सितंबर को सुबह करीब छह बजे ज्ञानपुरम में बस में सोते वक्त गिरफ्तार किया था।
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आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट से एक बार फिर पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू को झटका लगा है। नायडू द्वारा विभिन्न मामलों में दायर तीन जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इस बीच सुप्रीम कोर्ट में नायडू की याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने नायडू की उस याचिका की सुनवाई की, जिसमें कौशल विकास निगम घोटाला मामले में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने से उच्च न्यायालय के इनकार करने संबंधी आदेश को चुनौती दी गई है।
धारा 17ए की व्याख्या भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम को नाकाम करने के लिए नहीं हो सकती: कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने चंद्रबाबू नायडू से सोमवार को कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में जांच शुरू करने से पहले उनकी सहमति अनिवार्य होने की दलील को इस रूप में देखा जाए कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का उद्देश्य नाकाम नहीं हो। इस अधिनियम में एक संशोधन के जरिए धारा 17ए शामिल कर इसे (धारा को) 26 जुलाई, 2018 से प्रभावी किया गया था। यह एक लोकसेवक द्वारा किए गए कथित अपराध की जांच करने के लिए पुलिस अधिकारी को सक्षम प्राधिकार से अनुमति लेने की अनिवार्य जरूरत का प्रावधान करता है।
तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के नेता के लिए अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा के साथ पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने दलील दी कि संसद ने धारा 17ए को अपने आधिकारिक कर्तव्य निर्वहन के दौरान निर्णय लेने वाले लोकसेवक को परेशान किये जाने को रोकने के लिए शामिल किया था। इसके बाद शीर्ष न्यायालय ने यह टिप्पणी की।
यह है मामला
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तेलुगुदेशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू को 371 करोड़ रुपये के कौशल विकास घोटाले में गिरफ्तार किया गया है। राज्य के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने उन्हें नौ सितंबर को सुबह करीब छह बजे ज्ञानपुरम में बस में सोते वक्त गिरफ्तार किया था। सीआईडी का दावा है कि नायडू के ही नेतृत्व में मुखौटा कंपनियों के जरिये सरकारी धन को निजी संस्थाओं में हस्तांतरित करने की साजिश रची गई।
नायडू ने शुक्रवार को नंदयाल जिले के बनगनपल्ली में जनसभा की थी। इसके बाद बस में आराम कर रहे थे। शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे सीआईडी उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने वाहन को घेर लिया। इससे सीआईडी को गिरफ्तार करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हाल ही में अनंतपुर जिले के रायदुर्गम में एक सभा में नायडू ने कहा था कि जल्द ही उन पर हमला हो सकता है या फिर गिरफ्तार किया जा सकता है। सीआईडी की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के पुलिस उपाधीक्षक एम धनंजयुडु ने बताया कि गिरफ्तारी गैर जमानती धाराओं में की गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने वर्ष 2018 में इस घोटाले की शिकायत की थी। मौजूदा सरकार की जांच से पहले जीएसटी इंटेलिजेंस विंग और आयकर विभाग भी घोटाले की जांच कर रहे थे।