{"_id":"65aa44dc3eccf5f9990e2b57","slug":"andhra-pradesh-govt-kicks-off-comprehensive-caste-census-on-friday-2024-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश में जातिगत जनगणना शुरू; 19 जनवरी तक चलेगा पहला चरण, 15 फरवरी तक प्रक्रिया खत्म","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश में जातिगत जनगणना शुरू; 19 जनवरी तक चलेगा पहला चरण, 15 फरवरी तक प्रक्रिया खत्म
Fri, 19 Jan 2024 03:43 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 19 Jan 2024 03:43 PM IST
सार
श्रीनिवास वेणुगोपाल कृष्ण ने कहा कि ग्राम सचिवालय प्रणाली के अधिकारी अंतिम रिकॉर्ड बनाने से पहले वॉलंटियर द्वारा दी गई जानकारी की जांच करेंगे। प्रत्येक वॉलंटियर 50 घरों में जनगणना के लिए जाएंगे।
विज्ञापन
सी. श्रीनिवास वेणुगोपाल कृष्ण
- फोटो : Social Media
विस्तार
आंध्र प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को सभी जातियों की गणना के लिए अपनी व्यापक जातिगत जनगणना शुरू कर दी है। सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री सी. श्रीनिवास वेणुगोपाल कृष्ण ने बताया कि जनगणना का पहला चरण 19 जनवरी से 10 दिनों के लिए निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा, 'जातीय जनगणना के एक चरण में केवल दस दिनों के लिए ही आयोजित होगी। जरुरत पड़ने पर इसे चार से पांच दिनों के लिए आगे बढ़ाया भी जा सकता है।' मंत्री ने बताया कि जनगणना के लिए वॉलंटियर प्रत्येक घर में जाएंगे। बिहार के बाद आंध्र प्रदेश जातीय जनगणना करने वाला दूसरा राज्य है।
जनगणना की पूरी प्रक्रिया फरवरी तक पूरी होगी
श्रीनिवास वेणुगोपाल कृष्ण ने कहा कि ग्राम सचिवालय प्रणाली के अधिकारी अंतिम रिकॉर्ड बनाने से पहले वॉलंटियर्स द्वारा दी गई जानकारी की जांच करेंगे। हर एक वॉलंटियर 50 घरों में जनगणना के लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया 15 फरवरी तक पूरी हो जाएगी। वाईएसआरसीपी सरकार ने जातिगत जनगणना को एक प्रमुख लक्ष्य के तौर पर निर्धारित किया है। उनका मानना है कि यह लोगों के जीवन स्तर को बदल सकता है।
विज्ञापन
सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री ने बताया कि कई ऐसी जातियां है जो सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते है, इससे उन्हें मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद से ही भारत में जातिगत जनगणना नहीं हुई है। केवल आबादी की गणना हुई है। बता दें कि जातीय जनगणना की शुरुआत में केवल 139 पिछड़े वर्गो को शामिल करने की घोषणा की गई थी। लेकिन अब इसके दायरे में आंध्र प्रदेश की सभी जातियां शामिल हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, 'जातीय जनगणना के एक चरण में केवल दस दिनों के लिए ही आयोजित होगी। जरुरत पड़ने पर इसे चार से पांच दिनों के लिए आगे बढ़ाया भी जा सकता है।' मंत्री ने बताया कि जनगणना के लिए वॉलंटियर प्रत्येक घर में जाएंगे। बिहार के बाद आंध्र प्रदेश जातीय जनगणना करने वाला दूसरा राज्य है।
विज्ञापन
जनगणना की पूरी प्रक्रिया फरवरी तक पूरी होगी
श्रीनिवास वेणुगोपाल कृष्ण ने कहा कि ग्राम सचिवालय प्रणाली के अधिकारी अंतिम रिकॉर्ड बनाने से पहले वॉलंटियर्स द्वारा दी गई जानकारी की जांच करेंगे। हर एक वॉलंटियर 50 घरों में जनगणना के लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया 15 फरवरी तक पूरी हो जाएगी। वाईएसआरसीपी सरकार ने जातिगत जनगणना को एक प्रमुख लक्ष्य के तौर पर निर्धारित किया है। उनका मानना है कि यह लोगों के जीवन स्तर को बदल सकता है।
विज्ञापन
सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री ने बताया कि कई ऐसी जातियां है जो सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते है, इससे उन्हें मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद से ही भारत में जातिगत जनगणना नहीं हुई है। केवल आबादी की गणना हुई है। बता दें कि जातीय जनगणना की शुरुआत में केवल 139 पिछड़े वर्गो को शामिल करने की घोषणा की गई थी। लेकिन अब इसके दायरे में आंध्र प्रदेश की सभी जातियां शामिल हैं।