फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Andhra Pradesh: Chandrababu Naidu and YSRCP Clash Over Violence Allegations During Local Body Elections

आंध्र प्रदेश: चंद्रबाबू नायडू और वाईएसआरसीपी आमने-सामने, स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान हिंसा के आरोप लगे

Sat, 24 Oct 2026 07:21 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sat, 24 Oct 2026 07:21 PM IST
सार

आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान हिंसा, नामांकन पत्र छीनने और उम्मीदवारों को रोकने के आरोपों पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और वाईएसआरसीपी आमने-सामने हैं। नायडू ने विपक्ष पर हिंसा का आरोप लगाया, जबकि वाईएसआरसीपी ने सरकार, पुलिस और निर्वाचन आयोग की मिलीभगत का दावा किया। दोनों पक्षों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। लेकिन नामांकन प्रक्रिया में वास्तव में क्या हुआ? क्या इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी और चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा कायम रहेगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

विज्ञापन
Andhra Pradesh: Chandrababu Naidu and YSRCP Clash Over Violence Allegations During Local Body Elections
सीएम नायडू - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान कथित हिंसा और उम्मीदवारों को नामांकन से रोकने के आरोपों को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) पर हिंसा और चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप लगाया है। वहीं, वाईएसआरसीपी ने सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) की सरकार पर पुलिस और राज्य निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत कर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के दावों पर सवाल उठाए हैं।

विज्ञापन


नायडू ने वाईएसआरसीपी पर क्या आरोप लगाए?
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को उंडावल्ली स्थित अपने कैंप कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी ने पुंगनूर, दारसी, कडपा, थंबल्लापल्ले और तिरुपति समेत कई जगहों पर अशांति फैलाने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लोगों पर हमले किए और वाहनों में आग लगाई। नायडू ने यह भी आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी के एक सांसद ने अपने वाहन से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कार्यकर्ताओं को कुचलने की कोशिश की। उनके मुताबिक, सांसद की कार में शराब की बोतलें और हथियार भी मिले। ये आरोप मुख्यमंत्री ने लगाए हैं और इनकी पुष्टि जांच के आधार पर होनी है।
विज्ञापन


नामांकन प्रक्रिया में बाधा डालने को लेकर क्या कहा गया?
नायडू ने आरोप लगाया कि कनिगिरी में वाईएसआरसीपी के कार्यकर्ता नामांकन केंद्र में घुस गए और नामांकन के कागजात छीन लिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि थंबल्लापल्ले में जनसेना पार्टी के कार्यालय को निशाना बनाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीडीपी निर्वाचन आयोग के नियमों का पालन कर रही है, जबकि विपक्षी पार्टी गलत प्रचार के जरिए राज्य की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर अदालतों में गलत जानकारी देने का भी आरोप लगाया। नायडू ने कहा कि टीडीपी, भाजपा और जनसेना ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप राज्य निर्वाचन आयोग के आदेशों का पालन करने की बात कही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वाईएसआरसीपी ने सरकार और पुलिस पर क्या आरोप लगाए?
वाईएसआरसीपी के वरिष्ठ नेता अंबाती रामबाबू ने गुंटूर स्थित अपने कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि टीडीपी, पुलिस और राज्य निर्वाचन आयोग की कथित मिलीभगत से विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया। रामबाबू के मुताबिक, कुछ उम्मीदवारों के नामांकन पत्र पुलिस की मौजूदगी में फाड़े गए और मीडिया को नामांकन केंद्रों में जाने से रोका गया। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी नेताओं को घरों में नजरबंद किया गया, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने की सुविधा दी गई। हालांकि, ये आरोप वाईएसआरसीपी नेता ने लगाए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

किन नेताओं और पुलिस अधिकारियों को लेकर विवाद बढ़ा?
रामबाबू ने दावा किया कि वरिष्ठ वाईएसआरसीपी नेताओं पिनेल्ली रामकृष्ण रेड्डी, बोला ब्रह्मा नायडू और नाम्बुरी शंकर राव को घरों में सीमित कर दिया गया, जिससे वे उम्मीदवारों की मदद नहीं कर सके और बी-फॉर्म वितरित नहीं कर पाए। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला उम्मीदवारों समेत कई प्रत्याशियों पर हमले हुए और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। रामबाबू ने कहा कि वाईएसआरसीपी ने चुनावी अनियमितताओं में कथित भूमिका के लिए आईपीएस अधिकारियों समेत 54 पुलिस अधिकारियों की पहचान की है। उन्होंने इन अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही और आरोप लगाया कि पुलिस मशीनरी का इस्तेमाल चंद्रबाबू नायडू और नारा लोकेश के राजनीतिक हितों के लिए किया जा रहा है।


चुनाव के आंकड़ों को लेकर नायडू ने क्या दावा किया?
नायडू ने पिछले चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि पिछली वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान स्थानीय निकाय चुनावों में 24 प्रतिशत सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे। उन्होंने बताया कि मौजूदा चुनावों में 9,829 मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (एमपीटीसी) के लिए 51,902 और 659 जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (जेडपीटीसी) के लिए 5,724 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। मुख्यमंत्री ने जगन मोहन रेड्डी पर भी निशाना साधा और उनके खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तथा कथित अवैध संपत्ति से जुड़े मामलों का उल्लेख किया। दूसरी ओर, रामबाबू ने मतदाताओं से वाईएसआरसीपी के चुनाव चिह्न पंखे को वोट देने और गठबंधन की कथित डराने-धमकाने की राजनीति को खारिज करने की अपील की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed