आंध्र प्रदेश: YSRCP का दफ्तर किया गया ध्वस्त, जगनमोहन ने कहा- ’प्रतिशोध की राजनीति’, टीडीपी बोली- ’अवैध कब्जा’
सुबह- सुबह ताडेपल्ली स्थित वाईएसआरसीपी के केंद्रीय कार्यालय पर बुल्डोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। इसके बाद वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे प्रतिशोध की राजनीति कर रहे हैं। टीडीपी का कहना है कि अवैध कब्जे वाली जमीन पर बनाया जा रहा था। इसलिए इसे ध्वस्त किया गया था।
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आंध्रप्रदेश के गुंटूर जिले के ताडेपल्ली में विपक्षी पार्टी के निर्माणाधीन केंद्रीय कार्यालय को शनिवार को बुल्डोजर से ध्वस्त कर दिया गया है। इसके बाद वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए यह तोड़फोड़ हुई है।
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट कर बताया कि चंद्रबाबू नायडू प्रतिशोध की राजनीति कर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्यालय को ध्वस्त कर प्रतिशोध की राजनीति को अगले स्तर पर ले जाया जा रहा है। उन्होंने टीडीपी नेता को एक तानाशाह बताते हुए कहा कि तानाशाह की तरह उन्होंने वाईएसआरसीपी के केंद्रीय कार्यालय की मशीनों से खुदाई कर बुल्डोजर से ध्वस्त करवा दिया। उन्होंने बताया कि कार्यालय लगभग पूरा बन चुका था। उन्होंने बताया कि सुबह लगभग 5:30 बजे तोड़फोड़ शुरू कर दी थी।
#WATCH | CORRECTION | Amaravati, Andhra Pradesh: YSRCP's under-construction* central office in Tadepalli was demolished today early morning. As per YSRCP, "TDP is doing vendetta politics.
The demolition proceeded even though the YSRCP had approached the High Court the previous… pic.twitter.com/mwQN1bEXOr — ANI (@ANI) June 22, 2024
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि टीडीपी, बीजेपी और जनसेना वाली एनडीए सरकार के तहत दक्षिणी राज्य में कानून और न्याय पूरी तरह से गायब हो गया है। उन्होंने कहा कि यह विध्वंस दर्शाता है कि अगले पांच वर्षों में नायडू का शासन कैसा होगा। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी इस तरह की प्रतिशोध की राजनीति से डरेगी नहीं। उन्होंने वादा किया कि वे लड़ेंगे।
अदालत के आदेश की अवहेलना कर किया गया ध्वस्तीकरण
वाईएसआरसीपी ने अनुसार सीआडीए की कार्रवाई अदालत की अवमानना के समान है। उन्होंने कहा कि अदालत ने किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण गतिविधि पर रोक लगाने का आदेश दिया था। जिसकी जानकारी पार्टी के वकील ने सीआरडीए आयुक्त को दी थी। बावजूद प्राधिकरण ने आगे बढ़कर ढांचे को ध्वस्त किया।
टीडीपी की ओर जारी हुआ बयान
वहीं इन आरोपों के बाद टीडीपी की ओर से एक विज्ञप्ति जारी की गई है। इसमें बताया गया कि राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (सीआरडीए) और मंगलगिरी ताड़ेपल्ली नगर निगम (एमटीएमसी) के आयुक्तों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कहा गया था कि विपक्षी पार्टी का कार्यालय सिंचाई विभाग की दो एकड़ जमीन पर अवैध रूप से बनाया जा रहा था। विज्ञप्ति में बताया गया "इसके बाद, एमटीएमसी अधिकारियों की देखरेख में वाईएसआरसीपी नेताओं के इन अवैध निर्माणों को गिराने का काम शुरू किया गया है।" सत्तारूढ़ पार्टी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हुए ताड़ेपल्ली में सर्वेक्षण संख्या 202/ए1 में उस भूखंड को आवंटित किया था। विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है, "जगन मोहन रेड्डी ने इन दो एकड़ में पार्टी कार्यालय बनाकर पड़ोसी 15 एकड़ पर कब्जा करने की योजना तैयार की है। अब यह स्पष्ट हो गया है कि सिंचाई विभाग ने इन दो एकड़ को वाईएसआरसीपी को सौंपने की मंजूरी नहीं दी है।"