{"_id":"5bca9d62bdec2269b731619f","slug":"amritsar-train-accident-railway-says-direct-case-of-encroachment-program-was-not-allowed","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमृतसर हादसा : रेलवे ने बताया ‘अतिक्रमण का सीधा मामला’, कार्यक्रम के लिए इजाजत नहीं दी गई","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अमृतसर हादसा : रेलवे ने बताया ‘अतिक्रमण का सीधा मामला’, कार्यक्रम के लिए इजाजत नहीं दी गई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 20 Oct 2018 08:43 AM IST
विज्ञापन
अमृतसर ट्रेन हादसा के बाद विलाप करते पीड़ितों के परिजन
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दशहरे के मौके पर पंजाब के अमृतसर के पास हुए दर्दनाक रेल हादसे के लिए रेलवे ने स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। अमृतसर में मनावला और फिरोजपुर स्टेशनों के बीच यह हादसा हुआ। इस हादसे में रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर रावण दहन देख रही भीड़ पर ट्रेन चढ़ गई जिससे 61 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों की तादाद और बढ़ सकती है।
हादसे को लेकर रेलवे का कहना है कि पुतला दहन देखने के लिए लोगों का वहां पटरियों पर एकत्र होना ‘‘स्पष्ट रूप से अतिक्रमण का मामला’’ था और इस कार्यक्रम के लिये रेलवे द्वारा कोई मंजूरी नहीं दी गई थी।
अमृतसर प्रशासन पर इस हादसे की जिम्मेदारी डालते हुए आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि स्थानीय अधिकारियों को दशहरा कार्यक्रम की जानकारी थी और इसमें एक वरिष्ठ मंत्री की पत्नी ने भी शिरकत की।
विज्ञापन
रेलवे अधिकारियों ने कहा, "हमें इस बारे में जानकारी नहीं दी गई थी और हमारी तरफ से कार्यक्रम के लिए कोई मंजूरी नहीं दी गई थी। यह अतिक्रमण का स्पष्ट मामला है और स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।"
इतनी भीड़ होने के बावजूद रेल चालक द्वारा गाड़ी नहीं रोके जाने को लेकर सवाल उठने पर अधिकारी ने कहा, "वहां काफी धुआं था जिसकी वजह से चालक कुछ भी देखने में असमर्थ था और गाड़ी घुमाव पर भी थी।"
फुटेज में दिखा कि हादसे के दौरान लोग ट्रैक से सेल्फी ले रहे थे
अमृतसर के पास रावण दहन देख रहे सैकड़ों लोग ट्रेन की चपेट में आ गए। दुर्घटना की परेशान कर देने वाली वीडियो फुटेज दिखा रही है कि जब यह हादसा हुआ तब कई लोग कार्यक्रम की अपने मोबाइल से वीडियो बना रहे थे।
पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर रावण दहन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थीं। उन्होंने बाद में कहा कि कोई भी नहीं जानता था कि हादसा कैसे हुआ और सब जश्न मना रहे थे और पटरियों पर सेल्फी ले रहे थे।
सियासी नेताओं समेत कई लोगों ने ट्विटर पर दुखद घटनाओं के दौरान सेल्फी लेने की पंरपरा पर निराशा जताई।
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ‘"नासमझी और पूरी तरह से टाला जा सकने वाला हादसा है। जिस तरह से लोग ट्रेन के लोगों को कुचलने के बाद भी शूट कर रहे हैं वीडियो को देखकर उससे आपको घटना की भयावहता की कल्पना करने में भी मुश्किल होगी।"
आम आदमी पार्टी की नेता प्रीति शर्मा मेनन ने ट्वीट किया कि यह अविश्वसनीय है कि ट्रेन ने लोगों को कुचल दिया और फिर भी वे मोबाइल से वीडियो बनाते रहे।
टीवी चैनलों पर प्रसारित हुई दुर्घटना की वीडियो फुटेज बता रही है कि जब यह भीषण हादसा हुआ तब कई लोग मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। (इनपुट:भाषा)
विज्ञापन
हादसे को लेकर रेलवे का कहना है कि पुतला दहन देखने के लिए लोगों का वहां पटरियों पर एकत्र होना ‘‘स्पष्ट रूप से अतिक्रमण का मामला’’ था और इस कार्यक्रम के लिये रेलवे द्वारा कोई मंजूरी नहीं दी गई थी।
विज्ञापन
अमृतसर प्रशासन पर इस हादसे की जिम्मेदारी डालते हुए आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि स्थानीय अधिकारियों को दशहरा कार्यक्रम की जानकारी थी और इसमें एक वरिष्ठ मंत्री की पत्नी ने भी शिरकत की।
विज्ञापन
रेलवे अधिकारियों ने कहा, "हमें इस बारे में जानकारी नहीं दी गई थी और हमारी तरफ से कार्यक्रम के लिए कोई मंजूरी नहीं दी गई थी। यह अतिक्रमण का स्पष्ट मामला है और स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।"
इतनी भीड़ होने के बावजूद रेल चालक द्वारा गाड़ी नहीं रोके जाने को लेकर सवाल उठने पर अधिकारी ने कहा, "वहां काफी धुआं था जिसकी वजह से चालक कुछ भी देखने में असमर्थ था और गाड़ी घुमाव पर भी थी।"
फुटेज में दिखा कि हादसे के दौरान लोग ट्रैक से सेल्फी ले रहे थे
अमृतसर के पास रावण दहन देख रहे सैकड़ों लोग ट्रेन की चपेट में आ गए। दुर्घटना की परेशान कर देने वाली वीडियो फुटेज दिखा रही है कि जब यह हादसा हुआ तब कई लोग कार्यक्रम की अपने मोबाइल से वीडियो बना रहे थे।
पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर रावण दहन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थीं। उन्होंने बाद में कहा कि कोई भी नहीं जानता था कि हादसा कैसे हुआ और सब जश्न मना रहे थे और पटरियों पर सेल्फी ले रहे थे।
सियासी नेताओं समेत कई लोगों ने ट्विटर पर दुखद घटनाओं के दौरान सेल्फी लेने की पंरपरा पर निराशा जताई।
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ‘"नासमझी और पूरी तरह से टाला जा सकने वाला हादसा है। जिस तरह से लोग ट्रेन के लोगों को कुचलने के बाद भी शूट कर रहे हैं वीडियो को देखकर उससे आपको घटना की भयावहता की कल्पना करने में भी मुश्किल होगी।"
आम आदमी पार्टी की नेता प्रीति शर्मा मेनन ने ट्वीट किया कि यह अविश्वसनीय है कि ट्रेन ने लोगों को कुचल दिया और फिर भी वे मोबाइल से वीडियो बनाते रहे।
टीवी चैनलों पर प्रसारित हुई दुर्घटना की वीडियो फुटेज बता रही है कि जब यह भीषण हादसा हुआ तब कई लोग मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। (इनपुट:भाषा)