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Amritpal Singh: एनएसए हिरासत खत्म होते ही अमृतपाल फिर गिरफ्तार, इस मामले में अब पंजाब पुलिस ने रिमांड पर लिया
Thu, 23 Apr 2026 10:12 PM IST
Himanshu Singh Chandel
पीटीआई, अमृतसर
पीटीआई, अमृतसर
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Thu, 23 Apr 2026 10:12 PM IST
सार
असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एनएसए की अवधि खत्म होते ही पंजाब पुलिस ने उसे 2023 के अजनाला हिंसा मामले में फिर गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने उसे 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।
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सांसद अमृतपाल सिंह
- फोटो : फाइल
विस्तार
खालिस्तान समर्थक और वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद अमृतपाल को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। बुधवार को उसके खिलाफ लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) की अवधि खत्म हो गई थी। एनएसए की मियाद पूरी होते ही पंजाब पुलिस ने एक्शन लेते हुए उसे 2023 के मशहूर अजनाला थाना हिंसा मामले में औपचारिक रूप से फिर से गिरफ्तार कर लिया है। इस नई गिरफ्तारी के बाद अमृतपाल का जेल से बाहर आना और मुश्किल हो गया है।
बृहस्पतिवार को इस मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी। अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने अमृतपाल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अजनाला की अदालत में पेश किया। पुलिस ने अदालत से अमृतपाल की 15 दिनों की रिमांड मांगी थी ताकि उससे पूछताछ की जा सके। हालांकि, अदालत ने पुलिस की दलीलों को सुना और अमृतपाल को केवल दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का फैसला किया। इस दौरान सुरक्षा कारणों और खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट (इंटेलिजेंस इनपुट) को ध्यान में रखते हुए, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अमृतपाल को पंजाब लाने के बजाय डिब्रूगढ़ जेल में ही रखा जाए और आगे की सभी कानूनी कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअल माध्यम) के जरिए ही पूरी की जाए।
अमृतपाल के वकील ने अदालत में क्या दलीलें दीं?
अमृतपाल सिंह के वकील रितु राज सिंह संधू ने अदालत में पुलिस की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि इस केस को जानबूझकर लंबा खींचा जा रहा है। वकील ने अदालत को बताया कि अजनाला हिंसा मामले को तीन साल हो चुके हैं और इस दौरान पुलिस ने गाड़ियां और अन्य सभी सबूत पहले ही बरामद कर लिए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अब इतने वर्षों बाद अचानक नई रिकवरी (बरामदगी) की बात क्यों की जा रही है?
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ये भी पढ़ें- पवार बनाम पवार की साजिश?: रोहित पवार ने बारामती में खोला चुनावी जंग का कच्चा चिट्ठा, BJP पर लगाए ये गंभीर आरोप
हथियारों और हिंसा को लेकर वकील ने क्या कहा?
वकील संधू ने पुलिस की दलीलों को कमजोर करते हुए हथियारों के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अदालत में कहा कि जहां तक हथियारों की बात है, इस पूरे मामले में कहीं भी फायरिंग (गोली चलने) या किसी को चोट लगने की कोई घटना सामने नहीं आई है। ऐसे में हथियारों की बरामदगी की दलील बहुत कमजोर हो जाती है और पुलिस बेवजह इस मामले को तूल दे रही है।
कब से और कहां बंद है अमृतपाल सिंह?
आपको बता दें कि अमृतपाल सिंह काफी लंबे समय से जेल में है। वह 23 अप्रैल 2023 से ही असम की कड़ी सुरक्षा वाली डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद है। उस पर और उसके साथियों पर अजनाला थाने पर हमला करने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने जैसे गंभीर आरोप हैं। इसी मामले में अब उसे एनएसए खत्म होने के बाद फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है।
अन्य वीडियो-
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बृहस्पतिवार को इस मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी। अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने अमृतपाल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अजनाला की अदालत में पेश किया। पुलिस ने अदालत से अमृतपाल की 15 दिनों की रिमांड मांगी थी ताकि उससे पूछताछ की जा सके। हालांकि, अदालत ने पुलिस की दलीलों को सुना और अमृतपाल को केवल दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का फैसला किया। इस दौरान सुरक्षा कारणों और खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट (इंटेलिजेंस इनपुट) को ध्यान में रखते हुए, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अमृतपाल को पंजाब लाने के बजाय डिब्रूगढ़ जेल में ही रखा जाए और आगे की सभी कानूनी कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअल माध्यम) के जरिए ही पूरी की जाए।
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अमृतपाल के वकील ने अदालत में क्या दलीलें दीं?
अमृतपाल सिंह के वकील रितु राज सिंह संधू ने अदालत में पुलिस की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि इस केस को जानबूझकर लंबा खींचा जा रहा है। वकील ने अदालत को बताया कि अजनाला हिंसा मामले को तीन साल हो चुके हैं और इस दौरान पुलिस ने गाड़ियां और अन्य सभी सबूत पहले ही बरामद कर लिए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अब इतने वर्षों बाद अचानक नई रिकवरी (बरामदगी) की बात क्यों की जा रही है?
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हथियारों और हिंसा को लेकर वकील ने क्या कहा?
वकील संधू ने पुलिस की दलीलों को कमजोर करते हुए हथियारों के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अदालत में कहा कि जहां तक हथियारों की बात है, इस पूरे मामले में कहीं भी फायरिंग (गोली चलने) या किसी को चोट लगने की कोई घटना सामने नहीं आई है। ऐसे में हथियारों की बरामदगी की दलील बहुत कमजोर हो जाती है और पुलिस बेवजह इस मामले को तूल दे रही है।
कब से और कहां बंद है अमृतपाल सिंह?
आपको बता दें कि अमृतपाल सिंह काफी लंबे समय से जेल में है। वह 23 अप्रैल 2023 से ही असम की कड़ी सुरक्षा वाली डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद है। उस पर और उसके साथियों पर अजनाला थाने पर हमला करने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने जैसे गंभीर आरोप हैं। इसी मामले में अब उसे एनएसए खत्म होने के बाद फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है।
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