{"_id":"69df5c91df2277f3820af233","slug":"amit-shah-says-mamata-banerjee-government-refused-to-discuss-darjeeling-hills-issues-west-bengal-election-2026-2026-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"West Bengal: 'ममता सरकार ने दार्जिलिंग पहाड़ी क्षेत्रों के मुद्दों पर चर्चा से किया इनकार', अमित शाह का आरोप","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
West Bengal: 'ममता सरकार ने दार्जिलिंग पहाड़ी क्षेत्रों के मुद्दों पर चर्चा से किया इनकार', अमित शाह का आरोप
Wed, 15 Apr 2026 03:08 PM IST
Devesh Tripathi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 15 Apr 2026 03:08 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बंगाल दौरे पर मंगलवार को दार्जिलिंग के लेबोंग ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करने वाले थे। हालांकि, खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर वहां उतर नहीं सका। इसके बाद उन्होंने वीडियो संदेश के जरिए जनसभा को संबोधित किया।
विज्ञापन
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार ने दार्जिलिंग पहाड़ी क्षेत्रों के मुद्दों पर चर्चा के तीन प्रस्तावों को ठुकरा दिया था। अमित शाह ने कहा, ''पिछले डेढ़ साल में पश्चिम बंगाल के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और कुर्सेओंग की पहाड़ियों के लोगों के मुद्दों और वहां रहने वाले गोरखाओं की मांगों पर चर्चा के लिए भेजे गए बैठकों के तीन प्रस्तावों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने अस्वीकार कर दिया है।''
केंद्रीय गृह मंत्री को बुधवार सुबह दार्जिलिंग के लेबोंग ग्राउंड में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करना था। हालांकि, खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर वहां उतर नहीं सका, जिस कारण सार्वजनिक रैली में एक सात मिनट का वीडियो संदेश चलाया गया।
ये भी पढ़ें: Nagpur AIIMS: 'तकनीक नहीं ले सकती संवेदनशीलता की जगह', राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का युवा डॉक्टरों को संदेश
विज्ञापन
ममता बनर्जी ने नहीं भेजा कोई प्रतिनिधि : अमित शाह
वीडियो संदेश में अमित शाह ने कहा, "पिछले डेढ़ साल में मैंने पहाड़ियों और गोरखाओं के मुद्दों पर चर्चा के लिए तीन बार बैठक का प्रस्ताव रखा। लेकिन ममता बनर्जी ने इस मामले पर चर्चा के लिए नई दिल्ली में अपना कोई प्रतिनिधि नहीं भेजा। वह दार्जिलिंग में रहने वाले गोरखाओं को न्याय और उनके वैध अधिकार नहीं दिलाना चाहतीं।''
उन्होंने आगे कहा, ''लेकिन चिंता न करें। पांच मई को राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद, हमारा पहला काम गोरखाओं की समस्याओं का समाधान करना होगा। गोरखा आंदोलन को लेकर अतीत में गोरखाओं के खिलाफ दर्ज सभी शिकायतें और मामले वापस ले लिए जाएंगे।"
21 अप्रैल को फिर दार्जिलिंग आएंगे शाह
सार्वजनिक बैठक में शामिल न हो पाने पर खेद व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वे 21 अप्रैल को दार्जिलिंग जिले के सुकना में फिर आएंगे, जो 23 अप्रैल को होने वाले दो-चरणीय मतदान के पहले चरण के लिए अभियान का अंतिम दिन होगा।
ये भी पढ़ें: Karnataka: कर्नाटक की 18 लंबित परियोजनाओं पर केंद्र से मदद की अपील, CM सिद्धारमैया ने PM मोदी को सौंपा ज्ञापन
शाह का दावा- पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत तय
उन्होंने आगे कहा, "पिछले कुछ दिनों में मैंने पूरे राज्य का दौरा किया है। मेरे अनुभव से पता चलता है कि इस बार पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत निश्चित है। तब अवैध घुसपैठ, भ्रष्टाचार और गुंडाराज के दिन समाप्त हो जाएंगे।" केंद्रीय गृह मंत्री को जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज, अलीपुरद्वार जिले के फालाकाटा और कूच बिहार जिले के तुफानगंज में तीन अन्य सार्वजनिक सभाओं को भी संबोधित करना निर्धारित था।
अन्य वीडियो
विज्ञापन
केंद्रीय गृह मंत्री को बुधवार सुबह दार्जिलिंग के लेबोंग ग्राउंड में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करना था। हालांकि, खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर वहां उतर नहीं सका, जिस कारण सार्वजनिक रैली में एक सात मिनट का वीडियो संदेश चलाया गया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Nagpur AIIMS: 'तकनीक नहीं ले सकती संवेदनशीलता की जगह', राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का युवा डॉक्टरों को संदेश
विज्ञापन
ममता बनर्जी ने नहीं भेजा कोई प्रतिनिधि : अमित शाह
वीडियो संदेश में अमित शाह ने कहा, "पिछले डेढ़ साल में मैंने पहाड़ियों और गोरखाओं के मुद्दों पर चर्चा के लिए तीन बार बैठक का प्रस्ताव रखा। लेकिन ममता बनर्जी ने इस मामले पर चर्चा के लिए नई दिल्ली में अपना कोई प्रतिनिधि नहीं भेजा। वह दार्जिलिंग में रहने वाले गोरखाओं को न्याय और उनके वैध अधिकार नहीं दिलाना चाहतीं।''
उन्होंने आगे कहा, ''लेकिन चिंता न करें। पांच मई को राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद, हमारा पहला काम गोरखाओं की समस्याओं का समाधान करना होगा। गोरखा आंदोलन को लेकर अतीत में गोरखाओं के खिलाफ दर्ज सभी शिकायतें और मामले वापस ले लिए जाएंगे।"
21 अप्रैल को फिर दार्जिलिंग आएंगे शाह
सार्वजनिक बैठक में शामिल न हो पाने पर खेद व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वे 21 अप्रैल को दार्जिलिंग जिले के सुकना में फिर आएंगे, जो 23 अप्रैल को होने वाले दो-चरणीय मतदान के पहले चरण के लिए अभियान का अंतिम दिन होगा।
ये भी पढ़ें: Karnataka: कर्नाटक की 18 लंबित परियोजनाओं पर केंद्र से मदद की अपील, CM सिद्धारमैया ने PM मोदी को सौंपा ज्ञापन
शाह का दावा- पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत तय
उन्होंने आगे कहा, "पिछले कुछ दिनों में मैंने पूरे राज्य का दौरा किया है। मेरे अनुभव से पता चलता है कि इस बार पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत निश्चित है। तब अवैध घुसपैठ, भ्रष्टाचार और गुंडाराज के दिन समाप्त हो जाएंगे।" केंद्रीय गृह मंत्री को जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज, अलीपुरद्वार जिले के फालाकाटा और कूच बिहार जिले के तुफानगंज में तीन अन्य सार्वजनिक सभाओं को भी संबोधित करना निर्धारित था।
अन्य वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन