फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Amit Shah said That As the CM of Gujarat PM Modi efforts increased the rate of punishment For Criminals

दीक्षांत समारोह: अमित शाह बोले- गुजरात के सीएम रहते पीएम मोदी के प्रयासों से बढ़ी सजा की दर, जानें और क्या कहा?

Sat, 12 Mar 2022 08:25 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sat, 12 Mar 2022 08:25 PM IST
सार

गृहमंत्री ने इस दौरान कहा कि आरआरयू को देश के विभिन्न इलाकों में अपने कैंपस खोलकर युवाओं को प्रशिक्षित करना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि इस दिशा में जल्द ही कदम उठाया जाएगा।

विज्ञापन
Amit Shah said That As the CM of Gujarat PM Modi efforts increased the rate of punishment For Criminals
HOME MINISTER AMIT SHAH - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2001 से गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से राज्य में अपराधियों को सजा की दर में उल्लेखनीय इजाफा हुआ। यहां लावड गांव में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) के पहले दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि मोदी के मुख्यमंत्री पद संभालने से पहले राज्य की पुलिस व्यवस्था लगभग अंग्रेजों के जमाने की थी। लोग इसे केवल रोजगार के साधन के रूप में देखते थे। मोदी ने इसके लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने पुलिस के आधुनिकीकरण का फैसला लिया। थानों का कंप्यूटराइजेशन किया और सुरक्षा के साथ कानून-व्यवस्था संबंधी विश्वविद्यालयों पर जोर दिया। उनके प्रयासों से वर्ष 2012 में राज्य में सजा की दर बढ़कर 22 फीसदी हो गई।

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि मोदी के कार्यकाल में पुलिस के आधुनिकीकरण के तहत सभी थानों को कंप्यूटर दिए गए और उन्हें इंटरनेट से जोड़ा गया। इसके लिए एक निजी फर्म को सॉफ्टवेयर बनाने का जिम्मा सौंपा गया, जो अब भी बिना किसी बाधा के काम कर रहा है। तकनीक की समझ रखने वाले कांस्टेबिलों को सॉफ्टवेयर चलाने का प्रशिक्षण दिया गया। गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई, जो देश में कानून की पढ़ाई के लिए श्रेष्ठ है। इसी क्रम में आरआरयू और नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई। इसके पीछे मकसद देश के युवाओं को कानून-व्यवस्था की इन तीनों विधाओं में प्रशिक्षित करने का था।
विज्ञापन


आरआरयू के कैंपस देशभर में खोलने का आह्वान
गृहमंत्री ने इस दौरान कहा कि आरआरयू को देश के विभिन्न इलाकों में अपने कैंपस खोलकर युवाओं को प्रशिक्षित करना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि इस दिशा में जल्द ही कदम उठाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed