अमित शाह के अस्पताल दौरे ने बढ़ाई केजरीवाल सरकार की धड़कन, सोशल मीडिया पर लगी अटकलें

जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली  Updated Mon, 15 Jun 2020 11:31 PM IST
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एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे अमित शाह
एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे अमित शाह - फोटो : PTI

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को अचानक दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में पहुंच गए। उनके साथ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल या उनका कोई मंत्री वहां दिखाई नहीं दिया। जैसे ही यह खबर मीडिया में आई, दिल्ली की राजनीति गर्माने लगी। सोशल मीडिया पर चर्चा होने लगी कि शाह के दौरे ने केजरीवाल सरकार की धड़कन बढ़ा दी है।
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दिल्ली सरकार के सूत्रों का कहना है कि उन्हें इस दौरे की जानकारी नहीं दी गई। जब यह खबर मीडिया में आई तो दिल्ली सरकार को अमित शाह के दौरे का पता चला। खास बात है कि शाह ने एलएनजेपी अस्पताल पहुंचने से पहले दिल्ली के सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय में बैठक की थी। सोशल मीडिया में कुछ ऐसे सवाल भी आए कि क्या अरविंद केजरीवाल बैकफुट वाली सीट पर आ गए हैं।
बता दें कि अमित शाह पिछले 48 घंटे से दिल्ली में कोरोना की स्थिति को लेकर खासे सक्रिय नजर आ रहे हैं। सबसे पहले उन्होंने केजरीवाल के साथ बैठक की थी। उसके बाद रविवार को दिल्ली के एलजी, सीएम, डिप्टी सीएम और दूसरे अधिकारियों से दिल्ली की स्थिति पर चर्चा की। उसी दिन शाम को एक दूसरी बैठक हुई।इसमें एलजी और सीएम के अलावा तीनों निगमों के चेयरमैन व एम्स के निदेशक भी मौजूद रहे।
सोमवार को शाह ने दिल्ली के राजनीतिक दलों से बातचीत की। दोपहर बाद शाह एकाएक एलएनजेपी अस्पताल पहुंच गए, लेकिन उनके साथ दिल्ली सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं था। यही वो बात थी जिसने केजरीवाल सरकार की धड़कन बढ़ा दी। इससे पहले जब केजरीवाल अकेले केंद्रीय गृहमंत्री से मिल कर आए थे तो सोशल मीडिया पर कथित तौर से यह अफवाह फैल गई कि दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लग सकता है। हालांकि थोड़ी देर बाद केंद्र सरकार ने इसे फेक न्यूज बता दिया। अभी तक शाह और केजरीवाल के बीच जो भी बैठक हुई है, उस बाबत मीडिया में सब पॉजिटिव ही बताया गया है। बैठक के बाद खुद केजरीवाल ने कहा था कि गृहमंत्री ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।

सर्वदलीय बैठक में मौजूद नेताओं ने कई सुझाव दिए, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री ने मान लिया। दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता द्वारा रखी गई यह मांग कि कोरोना संक्रमण के टेस्टिंग खर्च में 50 प्रतिशत की छूट दी जाए, इसे गृहमंत्री ने मंजूरी दे दी। प्राइवेट अस्पतालों के चार्ज फिक्स करने बाबत शाह ने एक कमेटी बनाकर दो दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल चौधरी ने बैठक में कहा, हर आदमी को टेस्टिंग का हक मिलना चाहिए। केंद्रीय गृहमंत्री ने उनकी इस मांग को भी मान लिया है। उन्होंने भरोसा दिया है कि नई पॉलिसी में हर आदमी को टेस्टिंग का हक दिया जाएगा।
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