Mizoram: शाह ने मिजोरम में विभिन्न परियोजनाओं की रखी आधारशिला, उग्रवादियों से की मुख्यधारा में लौटने की अपील
शाह ने कहा, मैं पूर्वोत्तर के सभी सशस्त्र समूहों से अपील करता हूं कि वे मुख्यधारा में शामिल हों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनें और क्षेत्र व देश के विकास में अपना योगदान दें।
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को मिजोरम के आइजोल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने 2,415 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखी। शाह ने दावा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पीएम-डिवाइन परियोजना के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए बजट में 276 फीसदी की बढ़ोतरी की है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के सभी आठ राज्यों की राजधानियों को 2025 से पहले रेल और सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा, एक समय यहां हिंसा होती थी, लेकिन आज जोरामथांगा मिजोरम के मुख्यमंत्री हैं, यह भारत में लोकतंत्र की सफलता की मिसाल है। आज यहां शांति है। शाह ने कहा, मैं पूर्वोत्तर के सभी सशस्त्र समूहों से अपील करता हूं कि वे मुख्यधारा में शामिल हों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनें और क्षेत्र व देश के विकास में अपना योगदान दें। मिजोरम पूरी दुनिया के सामने लोकतंत्र का एक अभूतपूर्व उदाहरण है। आज पूरा पूर्वोत्तर शांति, स्थिरता और विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, एक जमाने में पूर्वोत्तर में उग्रवादी समूहों द्वारा हिंसा थी। रेल, सड़क और हवाई संपर्क की कमी थी और विकास का नामोंनिशान नहीं था। बीते नौ साल में प्रधानमंत्री मोदी, केंद्र सरकार और पूर्वोत्तर की जनता के सहयोग से हम यहां शांति ला पाए हैं। कनेक्टिविटी बढ़ाई गई है और भारत के अन्य हिस्सों के बराबर विकास पूर्वोत्तर में करने में हमें सफलता मिली है। भारत सरकार समग्र पू्र्वोत्तर को विवादमुक्त, उग्रवाद मुक्त और शांति से युक्त बनाने का प्रयास कर रही है।#WATCH | All 8 state capitals in the North East will be connected by air, rail and road before 2025, says Union Home Minister Amit Shah in Aizwal, Mizoram pic.twitter.com/Vgu08QIcxY
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 1, 2023
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गृहमंत्री शाह ने कहा, 2014 की तुलना में 2021 में हिंसक घटनाओं में 67 फीसदी कमी आई है और सुरक्षा बलों की मृत्यु में 60 फीसदी कमी आई है। नागरिकों की मृत्यु में 83 फीसदी की कमी आई है। 2014 से अबतक लगभग आठ हजार उग्रवादी संगठन आत्मसमर्पण करके मुख्यधारा में आ चुके हैं।
उन्होंने कहा, हमने 2019 में एनएलएफटी के साथ शांति समझौता किया। 2021 में बोडो के साथ समझौता कर असम में शांति की स्थापना की। 2022 में कार्बी आंगलोंग समझौता करके हमने असम के ऊपरी हिस्से में शांति की स्थापना की। अफस्पा की परिधि में नौ साल में लगभग 70 फीसदी की कमी आई है। हमारे प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर के विकास के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने 53 बार पूर्वोत्तर का दौरा किया है। 53 बार आने वाले वह पहले प्रधानमंत्री हैं।
शाह ने कहा, भारत सरकार के अलग-अलग मंत्री 725 बार पूर्वोत्तर का दौरा कर चुके हैं और पीएम डिवाइन के साथ पूर्वोत्तर के बजट में 276 फीसदी की बढोतरी की है। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्री 725 बार पूर्वोत्तर का दौरा कर चुके हैं और पीएम डिवाइन के साथ पूर्वोत्तर के बजट में 276 फीसदी की बढोतरी की है और 2025 तक हम 1 लाख 25 हजार करोड़ की लागत से आठों राज्यों की राजधानी को सड़क, रेलवे और हवाई मार्गों से जोड़ने का काम पूरा करेंगे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गृह मंत्री को दिखाए काले झंडे
उधर, मिजोरम दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को विरोध का भी सामना करना पड़ा। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आइजोल में शाह को काले झंडे दिखाए। कांग्रेस कार्यकर्ता हाल ही में मानहानि के मामले में सजा के बाद राहुल गांधी को लोकसभा से अयोग्य करार दिए जाने का विरोध कर रहे थे। मिजोरम कांग्रेस के नेताओं और संगठन पदाधिकारियों ने राहुल गांधी के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। केंद्रीय गृह मंत्री का काफी जैसी ही लामुअल पहुंचा, प्रदर्शनकारियों ने उन्हें काले झंडे दिखाए। साथ ही राहुल गांधी को न्याय दिलाने के लिए नारेबाजी भी की और भाजपा पर उद्योगपति गौतम अदाणी को बचाने तथा गांधी को निशाना बनाने का आरोप लगाया।