फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Amit Shah in Kashmir: Home minister staying there for three days, staying in CRPF camp, what is the message for whom in this?

Amit Shah in Kashmir: गृह मंत्री का तीन दिन वहां रुकना, CRPF कैंप में ठहरना, इसमें किसके लिए क्या है संदेश?

Mon, 25 Oct 2021 06:51 PM IST
Pratibha Jyoti प्रतिभा ज्योति
Updated Mon, 25 Oct 2021 06:51 PM IST
विज्ञापन
सार
अमित शाह की यह यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद वे पहली बार वहां गए हैं। वहीं उनकी यात्रा ऐसे समय में हुई जब राज्य में टारगेट किलिंग बढ़ गई थी, लेकिन शाह ने इस चुनौती को स्वीकार किया। जानकारों का मानना है कि शाह ने कश्मीर और वहां के युवाओं को देश की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हर संभव कोशिश की है, ताकि दिल्ली और कश्मीर के बीच की दूरी कम हो सके।
loader
Amit Shah in Kashmir: Home minister staying there for three days, staying in CRPF camp, what is the message for whom in this?
जम्मू में अमित शाह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गृह मंत्री अमित शाह की जम्मू-कश्मीर यात्रा का आज तीसरा दिन है। आतंकी घटनाओं की आशंकाओं के साए में  संभवत: किसी भी गृह मंत्री के तीन दिनों तक जम्मू- कश्मीर में रुकने और सुरक्षा की परवाह किए बिना लोगों से सीधे मिलने का यह पहला उदाहरण है। अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के समाप्ति के बाद गृह मंत्री की यह पहली जम्मू- कश्मीर यात्रा है। जबकि केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में, अमित शाह की यह दूसरी यात्रा है। उन्होंने अनुच्छेद 370 को समाप्त करने से ठीक 40 दिनों पहले जून 2019 में कश्मीर घाटी का दौरा किया था।  


यह यात्रा कितनी अहम
अमित शाह ने ही जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 को समाप्त करने और राज्य को दो हिस्सों में बांटने वाले 'जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन संशोधन विधेयक' संसद में पेश किया था। उसके बाद राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया। जानकार बताते हैं कि उनकी यह यात्रा कई मायनों में अहम रही है जिसमें आतंकियों को सख्त संदेश देने के साथ-साथ सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ाने से लेकर नए कश्मीर में युवाओं का भरोसा जीतना तक शामिल हैं। बेखौफ अंदाज में दिख रहे शाह की इस यात्रा से केंद्र सरकार के उस मजबूत इरादे की झलक भी मिलती है कि जिसमें नए जम्मू-कश्मीर का निर्माण करना है। 




जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ स्थानीय पत्रकार सुजाउल हक कहते हैं  पिछले कुछ समय से कश्मीर में जो हालात बने हुए थे, जिस तरह आतंकी घटनाएं बढ़ रही है, उसे देखते हुए गृह मंत्री की यह बहुत महत्वपूर्ण यात्रा है। कहीं न कहीं उनका पूरा फोकस युवाओं और सुरक्षाकर्मियों पर रहा है। जिससे न केवल युवाओं में केंद्र सरकार के प्रति एक भरोसा भर सकता है बल्कि सुरक्षाबलों का भी मनोबल बढ़ेगा। हालांकि सरकार का जो दावा है कि कश्मीर में हालात बेहतर हुए हैं उसकी जमीनी हालात को लेकर सवाल तो कई हैं। 
 

जम्मू में अमित शाह
जम्मू में अमित शाह - फोटो : ani
जम्मू-कश्मीर की अपनी यात्रा में पहले दिन, शाह के श्रीनगर में सुरक्षा और खुफिया प्रमुखों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। आज उन्होंने सीआरपीएफ के कैंप में रुकने का फैसला किया है। हमने उनके सभी प्रमुख कार्यक्रमों, कदमों और बयानों को मिलाकर यह जानने की कोशिश की है कि इसमे किसके लिए क्या संदेश छिपा है?

श्रीनगर में आतंकवादियों के हाथों मारे गए नागरिकों के परिवारों से मिले
गृह मंत्री अमित शाह ने राजभवन में फार्मासिस्ट माखन लाल बिंदरू और स्कूल प्रिंसिपल सुपिंदर कौर के परिवारों से मुलाकात की। दोनों इस महीने की शुरुआत में आतंकियों के टारगेट किलिंग के शिकार हुए थे। अमित शाह ने 30 मिनट परिवार के सदस्यों के साथ बिताए, संवेदना व्यक्त की और उनकी शिकायतें सुनीं। जम्मू-कश्मीर पुलिस के शहीद जवान परवेज अहमद दार के घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके परिजनों से भेंट की और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी दी।

संदेश क्या गया: मोदी सरकार और पूरा देश उनके साथ मजबूती से खड़ा है। देश ऐसी किसी भी कायरतापूर्ण हिंसा से डरने वाला नहीं है। आतंकवादियों को सीधा संदेश गया कि आतंकी घटनाओं के बाद भी वह भारत सरकार को अपने इरादे से डिगा नहीं सकती।


 

जम्मू में अमित शाह
जम्मू में अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में 'हेलीकॉप्टर संचालन नीति' की घोषणा
गृह मंत्री ने पॉलिसी ऑन हेलीकॉप्टर ऑपरेशन इन यूनियन टेरिटरी ऑफ जम्मू-कश्मीर को लॉन्च किया। इसके साथ ही उन्होंने श्रीनगर-शारजाह अंतरराष्ट्रीय उड़ान का उद्घाटन भी किया।

इसका फायदा क्या:
केंद्रशासित प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी और यहां अधिक निवेश आएगा। जम्मू के हर जिले में हेलिपैड बनाए जाएंगे। युवाओं और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। जम्मू-कश्मीर को देश के सभी हिस्से से जोड़ा जा सकेगा। 

आईआईटी के नए कैंपस का उद्घाटन
जम्मू-कश्मीर यात्रा के दूसरे दिन रविवार को जम्मू में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) के नए कैंपस का उद्घाटन किया। 210 करोड़ रुपये की लागत से बने कैंपस में उच्च शिक्षा हासिल करने के साथ-साथ छात्रों के लिए सभी तरह की सुविधाएं मौजूद हैं।

किसे लाभ मिलेगा
इसका सीधा फायदा जम्मू-कश्मीर के युवाओं को मिलेगा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। लोगों के बीच यह संदेश गया कि उच्च शिक्षा में युवाओं का रुझान बढ़ेगा तो वे आतंकवाद और अलगाववाद से दूर रहेंगे, उन्हें रोजगार मिलेगा तो नया जम्मू-कश्मीर बनेगा। पहले जम्मू कश्मीर में सिर्फ चार मेडिकल कॉलेज थे, आज यहां सात नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो चुकी है, पहले 500 मेडिकल की सीटें थी, अब 2000 छात्र यहां से एमबीबीएस कर सकते हैं। 
 

जम्मू में अमित शाह
जम्मू में अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
जम्मू में मकवाल बॉर्डर पहुंचे
रविवार की शाम भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर स्थित सुरक्षाबलों की आखिरी चौकी मकवाल बॉर्डर पर पहुंचे। उन्होंने बीएसएफ के जवानों से मुलाकात की और उनसे जुड़ी चुनौतियों पर बातचीत की। गृह मंत्री ने उनके कामों की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें बिना किसी चिंता के देश की रक्षा करनी चाहिए क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार उनके परिवारों की देखभाल करेगी। इसके बाद उन्होंने एक स्थानीय व्यक्ति को अपना नंबर भी दिया।

इसके मायने क्या
सीधे-तौर पर यह सुरक्षाबलों का मनोबल बढाने वाला कदम था। ताकि सुरक्षाबलों में अपने घर-परिवार की चिंता किए बगैर अपना कर्तव्यपालन कर सकें। इससे सुरक्षाबलों में जोश और उत्साह का संचार हुआ है। 

जनसभा में बुलेट प्रूफ ग्लास शील्ड हटवाई
जम्मू-कश्मीर  दौरे के तीसरे और आखिरी दिन श्रीनगर में सोमवार को एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान बुलेट प्रूफ ग्लास शील्ड हटवाई और फिर कहा कि आप लोगों से खुलकर बात करना चाहता हूं। उन्होंने आगे नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला के बारे में बोलते हुए कहा, "मैंने अखबार में पढ़ा, फारूख साहब ने मुझे सलाह दी है कि भारत सरकार को पाकिस्तान से बात करनी चाहिए। मैं फारूख साहब से कहना चाहता हूं कि मैं बात करुंगा तो घाटी के लोगों से बात करुंगा। घाटी के युवाओं से बात करुंगा। मैं क्यूं न बात करुं आपसे। हम चाहते हैं कि हम आपसे बात करें। मैं घाटी के युवाओं से दोस्ती करना चाहता हूं। घाटी के युवाओं के साथ बात करना चाहता हूं।" इसके साथ ही उन्होंने शाम में डल झील के किनारे शिकारा फेस्टिवल का उद्घाटन भी खुले में किया है।  

इसका मतलब क्या:
इसके जरिए शाह ने आतंकियों को खुली चुनौती तो दी ही, साथ ही युवाओं और स्थानीय लोगों में भरोसा कायम करने की कोशिश की। कश्मीर के लोगों में विश्वास जगाने के साथ-साथ गृह मंत्री ने उनके साथ सारी दूरियों को भी मिटाने की भी कवायद की।  



 

सीआरपीएफ जवान (फाइल फोटो)
सीआरपीएफ जवान (फाइल फोटो) - फोटो : बासित जरगर
रात में सीआरपीएफ कैंप में रुकने का फैसला  
अमित शाह  अपने जम्मू-कश्मीर के दौरे के आखिरी दिन आज पुलवामा के लेथपोरा सीआरपीएफ कैंप  का दौरा करेंगे। वे अप्रैल 2019 में एक आतंकी आत्मघाती हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के 42 जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। वे कैंप में ही रहेंगे और वहीं जवानों के साथ डिनर करेंगे। वे मंगलवार को दिल्ली लौटेंगे।

किसके लिए सबक:
यह सीधे तौर पर पाकिस्तान और पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों को एक खुली चुनौती है और उन्हें मुंहतोड़ जवाब है। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने आईएसआई समेत पाकिस्तान की सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर साजिश रची और पुलवामा हमले को अंजाम दिया था। जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे और कई घायल हो गए थे। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed