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Manipur Violence: गृह मंत्री अमित शाह ने रद्द किया कर्नाटक का दौरा; हिंसाग्रस्त मणिपुर के हालात पर रखेंगे नजर

Fri, 05 May 2023 02:45 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 05 May 2023 02:45 PM IST
सार

अमित शाह राज्य के अधिकारियों के साथ मणिपुर में बिगड़े हालात पर काबू पाने के उपायों के बारे में बैठक कर सकते हैं। वहीं, उन्होंने गुरुवार को भी अपनी सभी चुनावी सभाओं को रद्द कर दिया था

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Amit Shah cancels Karnataka poll campaign coz of closely monitor situation in violence hit Manipur
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर में भड़की हिंसा के मद्देनजर बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने मामले पर बारीकी से नजर रखने के लिए कर्नाटक में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपने सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है। भाजपा की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, कर्नाटक में शुक्रवार को गृहमंत्री के तीन कार्यक्रम तय थे। इनमें एक बैठक और दो रोड शो शामिल थे।

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सूत्रों के अनुसार, अमित शाह राज्य के अधिकारियों के साथ मणिपुर में बिगड़े हालात पर काबू पाने के उपायों के बारे में बैठक कर सकते हैं। वहीं, उन्होंने गुरुवार को भी अपनी सभी चुनावी सभाओं को रद्द कर दिया था और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कई बैठकें कीं।

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मणिपुर में हिंसा भड़कने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। कर्नाटक दौरा रद्द होने से एक दिन पहले ही अमित शाह ने मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह और अन्य पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की थी। गृह मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये केंद्र और राज्य के उच्च अधिकारियों के साथ हालातों की समीक्षा पर भी बातचीत की। 

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सूत्रों के मुताबिक ऐसी अटकलें थीं कि शाह हिंसा प्रभावित राज्य का दौरा कर सकते हैं, लेकिन पार्टी नेताओं ने इन अटकलों को खारिज कर दिया और कहा कि फिलहाल वह दिल्ली से स्थिति की निगरानी करेंगे।

यह है मामला

मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी में शामिल करने की मांग के विरोध में छात्रों के संगठन ‘ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर’ (एटीएसयूएम) ने मार्च बुलाया था। ‘आदिवासी एकता मार्च’ के नाम से हो रहे प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि रैली में हजारों आंदोलनकारियों ने हिस्सा लिया और इस दौरान तोरबंग इलाके में आदिवासियों और गैर-आदिवासियों के बीच झड़प शुरू हो गई। अधिकारी ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।



कई परिवारों ने असम में शरण ली
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मणिपुर संकट पर चिंता जताई है और राज्य की हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मणिपुर में हाल की घटनाओं से प्रभावित कई परिवारों ने असम में शरण ली है। मैंने कछार के जिला प्रशासन से इन परिवारों की देखभाल करने का अनुरोध किया है। मैं मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के साथ भी लगातार संपर्क में हूं और इस संकट की घड़ी में असम सरकार ने पूरा समर्थन देने का संकल्प लिया है।

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