{"_id":"6083269c8ebc3ebd00499387","slug":"amidst-tension-with-china-india-will-buy-350-light-combat-tank","type":"story","status":"publish","title_hn":"तैयारी : चीन से तनाव के बीच भारतीय सेना खरीदेगी 350 हल्के टैंक","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
तैयारी : चीन से तनाव के बीच भारतीय सेना खरीदेगी 350 हल्के टैंक
Sat, 24 Apr 2021 01:27 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 24 Apr 2021 01:27 AM IST
सार
- शुक्रवार को प्रक्रिया की गई शुरू, भारतीय नौसेना भी लीज पर लेगी 24 हेलिकॉप्टर
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर....
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चीन के साथ चल रहे तनाव के बीच भारतीय सेना ने करीब 350 हल्के लड़ाकू टैंक चरणबद्ध तरीके से खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उधर, भारतीय नौसेना भी 24 हेलिकॉप्टरों को लीज पर लेने जा रही है। भारतीय सेना और नौसेना ने शुक्रवार को अपनी-अपनी इन जरूरतों के लिए रिक्वेस्ट फॉर इंफार्मेशन (आरएफआई) जारी कर दिया।
विज्ञापन
भारतीय सेना की तरफ से जारी आरएफआई के मुताबिक, हल्के टैंक विभिन्न पर्वतीय परिस्थितियों में लड़ाकू अभियानों को हर परिस्थिति में संचालित करने के लिए उपयोगी होने चाहिए।
विज्ञापन
रक्षा व सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना इन 350 टैंकों की खरीद उस कंपनी से करेगी, जो ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत इनका निर्माण भारत में ही करेगी। इन हल्के टैंकों की खरीद सेना की पहाड़ी क्षेत्रों में लड़ाकू क्षमता में इजाफा करने के लिए की जा रही है।
विज्ञापन
बता दें कि हाल ही में आई एक रिपोर्ट में सेना के जल्द ही हल्के टैंकों की खरीद करने और उनमें से अधिकतर को चीन से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर कई सेक्टरों में तैनात करने का इशारा किया गया था।
आरएफआई में यह भी कहा गया है कि रक्षा मंत्रालय महज टैंकों की खरीद के साथ ही उनके निर्माण से जुड़ी समग्र तकनीकी जानकारी भी उपलब्ध कराने वाली कंपनी को प्राथमिकता देगा ताकि भविष्य में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत उनका निर्माण खुद कर सके।
उधर, नौसेना की आरएफआई में कहा गया है कि लीज पर लिए जाने वाले 24 हेलिकॉप्टर व उनके ग्राउंड सपोर्ट उपकरण अगले पांच साल तक सेवा में रहेंगे।
लीज में कंपनी को सभी तरह की मेंटिनेंस सुविधा भी उपलब्ध करानी होगी, जिसमें नौसेना के एयर व मेंटिनेंस क्रू का प्रशिक्षण भी शामिल है। इन हेलिकॉप्टरों की बोली प्रक्रिया में उत्पादक कंपनियों के साथ ही सरकार समर्थित निर्यात एजेंसियां भी हिस्सा ले सकती हैं।
हालांकि उन्हें भारतीय रक्षा खरीद मानकों पर खरा उतरना होगा। ये दोहरे इंजन वाले व दो पायलटों वाले हेलिकॉप्टर 5 टन या उससे कम वजन के और दिन या रात किसी भी समय नौसेना के जहाजों से अभियानों को अंजाम देने में सक्षम होने चाहिए।