हनी ट्रैप मामला: वरुण गांधी पर आरोपों की जांच सीबीआई के हवाले
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कभी विवादास्पद हथियार विक्रेता अभिषेक वर्मा से जुड़े रहे एडमंड्स ने प्रधानमंत्री कार्यालय, रक्षामंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को पत्र के साथ सीडी भेजकर आरोप लगाया है कि हथियार विक्रेताओं ने गांधी को हनी ट्रेप में लेने और उसके सबूत बनाने के बाद उन्हें ब्लैकमैल कर महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं।
सांसद गांधी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे हास्यास्पद और बेवकूफाना करार दिया। उन्होंने अंदेशा जताया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्हें बड़ी भूमिका दिए जाने से रोकने के लिए भी इस तरह के आरोप लगाए जा सकते हैं।
क्या इन आरोपों का कोई सबूत भी हैं?
वरुण ने कहा कि आरोप हास्यास्पद हीं नहीं बेवकूफियों से भरा हुआ है। क्या इन आरोपों का कोई सबूत भी हैं। वह बीते 15 साल से भी ज्यादा समय से अभिषेक वर्मा से नहीं मिले हैं।
अपनी शिकायत में एडमंड्स ने संसद की रक्षा समिति की जिन बैठकों का जिक्र किया है, उनमें तो उन्होंने शिरकत ही नहीं की थी।
जो तस्वीरें भेजी गई हैं वह असली नहीं है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बड़ी भूमिका न दिए जाने के लिए भी इस तरह के आरोप लगाए जा सकते हैं।
क्या है मामला
कभी हथियार विक्रेता वर्मा से जुड़े रहे अमेरिकी वकील एडमंड्स ने अपनी शिकायत में कहा है कि वरुण को विदेशी एस्कॉर्ट महिलाओं और वेश्याओं के साथ तस्वीरें खींचकर ब्लैकमेल किया गया।
ब्लैकमेल के जरिए उनसे रक्षा मामलों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां हासिल की गईं। बीते महीने 16 तारीख को की गई शिकायती पत्र में कुछ तस्वीरें भी भेजी गई हैं। एडमंड्स 2012 के शुरुआती महीने तक वर्मा के व्यापारिक साझीदार थे।
अलग होने के बाद दोनों ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार, मनी लांडरिंग और धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। एडमंड्स ने बाद में भारतीय जांच एजेंसियों को कई कागजात मुहैया कराए। इसी आधार पर नेवी वॉर रूप लीक मामले में वर्मा को जेल जाना पड़ा था।