फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Ambedkar said judiciary should be free from executive interference: CJI BR Gavai in Maharashtra legislature

CJI: 'बाबासाहब ने कहा था- न्यायपालिका को कार्यपालिका के हस्तक्षेप से मुक्त होना चाहिए', सीजेआई गवई की टिप्पणी

Tue, 08 Jul 2025 04:52 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 08 Jul 2025 04:52 PM IST
विज्ञापन
Ambedkar said judiciary should be free from executive interference: CJI BR Gavai in Maharashtra legislature
सीजेआई बीआर गवई के बयान का अंश - फोटो : अमर उजाला

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि डॉ. बीआर आंबेडकर ने संविधान में तीनों अंगों-कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका को समान अधिकार दिए हैं। आंबेडकर ने संविधान की सर्वोच्चता के बारे में यह भी कहा था कि न्यायपालिका को कार्यपालिका के हस्तक्षेप से मुक्त होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया था कि न्यायपालिका को नागरिकों के अधिकारों के प्रहरी और संरक्षक के रूप में काम करना होगा।

विज्ञापन


संविधान देश में रक्तहीन क्रांति का हथियार
जस्टिस गवई को सीजेआई बनने पर मंगलवार को महाराष्ट्र विधानमंडल में सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्होंने कार्यपालिका बनाम न्यायपालिका विवाद पर इशारों में अपने विचार व्यक्त किए। सीजेआई ने दोनों सदनों के सदस्यों को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए कहा कि संविधान देश में रक्तहीन क्रांति का हथियार रहा है। न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका ने पिछले 75 वर्षों में भारत में सामाजिक-आर्थिक समानता लाने के लिए मिलकर काम किया है। संविधान अपनी शताब्दी की ओर बढ़ रहा है और उन्हें खुशी है कि वे न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैं।
विज्ञापन


हम सभी संविधान की सर्वोच्चता में विश्वास करते हैं
सीजेआई ने कहा कि डॉ आंबेडकर ने कहा था कि हम सभी संविधान की सर्वोच्चता में विश्वास करते हैं जो शांति और युद्ध के दौरान देश को एकजुट रखेगा। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने बधाई प्रस्ताव पेश करते हुए हुए कहा कि गवई की नियुक्ति गर्व की बात है और प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। महाराष्ट्र विधानमंडल की ओर से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी उन्हें सम्मानित किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

Ambedkar said judiciary should be free from executive interference: CJI BR Gavai in Maharashtra legislature
सीजेआई बीआर गवई के बयान का अंश - फोटो : अमर उजाला
संविधान के कारण ही महिलाओं, पिछड़े वर्गों को राष्ट्रीय मुख्यधारा में लाया जा सका
सीजेआई ने कहा, संविधान के कारण ही महिलाओं और पिछड़े समुदायों को राष्ट्रीय मुख्यधारा में लाया गया। हमारे पास एक महिला प्रधानमंत्री, दो महिला  राष्ट्रपति, के आर नारायणन और राम नाथ कोविंद पिछड़े समुदायों से राष्ट्रपति के रूप में, जीएमसी बालयोगी और मीरा कुमार लोकसभा अध्यक्ष के रूप में और पिछड़े वर्ग के कई सदस्य विभिन्न राज्यों में मुख्य सचिव और डीजीपी के रूप में हैं। आंबेडकर का मानना था कि मौलिक अधिकार उपचार के बिना बेकार हैं।

Ambedkar said judiciary should be free from executive interference: CJI BR Gavai in Maharashtra legislature
CJI BR Gavai - फोटो : PTI
संविधान स्थिर नहीं रह सकता  इसे निरंतर विकसित होना होगा
सीजेआई ने बताया कि आंबेडकर कहते थे कि संविधान स्थिर नहीं रह सकता, इसे जैविक होना चाहिए और निरंतर विकसित होता रहना चाहिए। चूंकि अगली पीढ़ी को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, उनका अनुमान वर्तमान पीढ़ी नहीं लगा सकती, इसलिए संशोधन की अनुमति दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed