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अमर उजाला पोल: अस्पताल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए
amarujala.com-presented by: अभिषेक तिवारी
Updated Thu, 21 Sep 2017 08:36 PM IST
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Amarujala Poll
- फोटो : amar ujala
बुधवार को इंदौर में एक 24 महीने की बच्ची की मौत सिर्फ इसलिए हो गई क्योंकि उसे सही समय पर सही इलाज नहीं मिल पाया। दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार की एक योजना के साथ बेंगलुरू का एक नामी अस्पताल जुड़ा हुआ है। इसके तहत बच्चों की दिल की बीमारी का इलाज मुफ्त में किया जाता है। हालांकि इस इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाती है।
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अस्पताल प्रशासन का आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने अभी तक उसका पिछला बिल नहीं चुकाया है, जिसकी रकम करीब दो करोड़ रुपये है। इस बकाये की कीमत उस नन्हीं जान को अपनी जिंदगी से चुकानी पड़ी। परिवार का आरोप है कि अस्पताल ने उनकी बच्ची का इलाज नहीं किया जिससे उसकी मौत हो गई। बच्ची को दिल की बीमारी थी और सरकारी योजना के तहत उसका मुफ्त में इलाज होना था।
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पीड़ित परिवार मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से सटे धार जिले का रहने वाला है। उनकी बच्ची का इलाज राज्य बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत होना था और परिवार के पास मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी का लेटर भी था। लेकिन बेंगलूरू के नारायण हृदयालय ने इलाज करने से इसलिए मना कर दिया क्योंकि मध्य प्रदेश सरकार ने पुराना बिल नहीं चुकाया है।
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इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या अस्पताल प्रशासन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए?' पोल के जवाब में हमें कुल 8,427 वोट मिले। इनमें 89.72 फीसदी (7561 वोट) पाठकों ने माना कि अस्पताल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। जबकि 8.96 फीसदी (755 वोट) पाठकों ने कहा कि अस्पताल प्रशासन पर कड़ी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। वहीं 1.32 फीसदी (111 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।