उत्तराखंड उदय संवाद 2018: शुरुआती रफ्तार के बाद सुस्त पड़े उद्योग-धंधे
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हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड की स्थापना के साथ ही राज्य सरकार ने उद्योग धंधों को बढ़ावा देने के लिए तमाम योजनाएं लागू कीं, टैक्स में खूब छूट दी गई और उद्योगों के लिए जमीन देने में भी पूरी दरियादिली बरती गई। नतीजतन देश के तमाम बड़े औद्योगिक घरानों ने उत्तराखंड का रुख किया और यहां उद्योग धंधे स्थापित किए। लेकिन सरकारों की अदलाबदली में उत्तराखंड में उद्योग धंधों की रफ्तार भी वक्त के साथ ही धीमी होती चली गई।
पिछले दस सालों में किसी बड़े औद्योगिक घराने ने उत्तराखंड का रुख नहीं किया। हालांकि तमाम सरकारों ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए मानकों को लचीला करने के खूब दावे किए गए, लेकिन ये दावे सरकरी फाइलों से बाहर नहीं निकल पाए।
उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति और वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के प्रतिबंधों के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में उद्यम स्थापित करने में परेशानी आती है। इन मानकों में छूट के लिए राज्य के साथ साथ केंद्र से भी अलग नीति की आवाज उठती रही है। अन्य पर्वतीय राज्यों ने भी इसका समर्थन किया है। लेकिन मामला दावों से उतरकर हकीकत के धरातल पर नहीं उतर पाया है।
तो आखिर ऐसा क्यों है कि राज्य गठन के साथ ही पूरे जोर शोर के साथ पहाड़ का रुख करने वाले उद्योगों ने अचानक अपनी रफ्तार धीमी कर ली, क्यों ऐसा हुआ कि यूपी के नोएडा और हरियाणा के गुडगांव की तर्ज पर उत्तराखंड में कोई औद्योगिक क्षेत्र विकसित नहीं हो पाया न ही उस स्तर की पहचान बना पाया? इन्हीं तमाम सवालों के जवाब ढूंढने के लिए अमर उजाला का उत्तराखंड उदय 2018 कार्यक्रम बेहतर मंच बन सकता है।
8 जनवरी को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में होने वाले 'अमर उजाला संवाद उत्तराखंड उदय 2018' कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की दिग्गज हस्तियां शामिल होकर आम जनता और उनसे जुड़े सवालों से रूबरू होंगी। इसी दौरान उद्योग और रोजगार से जुड़े तमाम बड़े मुद्दों पर मंथन भी होगा और संवाद भी।
हमारे पाठक भी इस संवाद का हिस्सा बन सकेंगे। #AmarUjalaSamwad के जरिए वे अपने सवालों को ट्विटर के माध्यम से उत्तराखंड उदय संवाद में उपस्थित गणमान्य अतिथियों से पूछ सकेंगे। उत्तरखंड उदय संवाद के जरिये यह जानने की कोशिश की जाएगी कि आखिर किन खूबियों के चलते उत्तराखंड जल्द ही निवेशकों का पसंदीदा राज्य बन जाएगा। यदि आपके मन में भी उत्तराखंड उदय में आने वाले अतिथियों के लिए कोई सवाल है तो 08067360111 नंबर पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं। सबसे बेहतर सवाल पूछने वाले पाठक को आयोजन में आमंत्रित किया जाएगा।
अमर उजाला उत्तराखंड उदय संवाद 2018 के प्रस्तुतकर्ता हैं पैसिफिक। स्मार्टफोन पार्टनर हैं कोमियो। सोशल मीडिया पार्टनर है फेसबुक। टीवी पार्टनर समाचार प्लस उत्तरप्रदेश/उत्तराखंड न्यूज चैनल है। उत्तराखंड शासन, पासपास पल्स, मदर्स प्राइड, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण, आदित्य बिरला टैनफैक, ब्रिडकुल, अमरउजाला डॉट कॉम, फिरकी डॉट इन, माय रिजल्ट प्लस, अमर उजाला काव्य और अमर उजाला टीवी इस आयोजन के एसोसिएट पार्टनर्स हैं। टूव्हीलर पार्टनर हैं यूएम।
आउटडोर पार्टनर हैं AUTDoors.