फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Samwad 2025 Lucknow: General Retired Manoj Pande Former Chief of the Army Staff Know all about him

Samwad 2025: 'संवाद' में शिरकत करेंगे जनरल मनोज पांडे; सेना की तैयारियों और जवानों के जज्बे पर रखेंगे विचार

Tue, 15 Apr 2025 09:18 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 15 Apr 2025 09:18 AM IST
सार

Amar Ujala Samvad 2025: एक बार फिर अमर उजाला के प्रतिष्ठित कार्यक्रम 'संवाद' का आयोजन होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोलजित इस कार्यक्रम की शुरुआत गुरुवार को लखनऊ के गोमती नगर के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगी। जिसमें प्रदेश के विकास समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। देश की जानी-मानी शख्सियतें, नीति-नियंता, विचारक-विशेषज्ञ श्रोताओं से रू-ब-रू होंगे।

विज्ञापन
Samwad 2025 Lucknow: General Retired Manoj Pande Former Chief of the Army Staff Know all about him
अमर उजाला संवाद में पूर्व सेना प्रमुख करेंगे शिरकत - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

17 अप्रैल से लखनऊ में अमर उजाला संवाद का मंच सजने जा रहा है। गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में इस दो दिवसीय कार्यक्रम में राजनीतिक मुद्दों से लेकर फिल्मों, खेलकूद, राष्ट्रीय सुरक्षा, समाजसेवा, कला-संस्कृति समेत कई विषयों पर परिचर्चाएं होंगी। इस दौरान देश-प्रदेश के विकास सहित अन्य मुद्दों पर बातचीत की जाएगी। पहले दिन कीर्ति चक्र से सम्मानित बीएसएफ कमांडेंट नरेंद्रनाथ धर दुबे शौर्य और पराक्रम की कहानियां साझा करेंगे, जबकि दूसरे दिन पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) मनोज पांडे भारतीय सेना की तैयारियों, सैन्य अधिकारियों व जवानों के जज्बे पर अपने विचार रखेंगे।

विज्ञापन


विज्ञापन


30 अप्रैल, 2022 को सेना अध्यक्ष का पद संभाला था
लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे ने 30 अप्रैल, 2022 को सेना अध्यक्ष का पद संभाला था। उन्होंने जनरल एमएम नरवणे की जगह ली थी। सेना अध्यक्ष से पहले पांडे सेना के उप-प्रमुख थे। पांडे सेना प्रमुख बनने वाले कोर ऑफ इंजीनियर्स के पहले अधिकारी थे। अब तक इन्फैंट्री, आर्मर्ड और आर्टिलरी अधिकारी ही अधिकतर सेना प्रमुख बने हैं। पांडे पूर्वी सेना के कमांडर भी रहे। यह कमान पूर्वोत्तर राज्यों सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश क्षेत्रों में चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की रक्षा के लिए तैनात रहती है। इसका मुख्यालय कोलकाता में है। जनरल (रिटायर्ड) पांडे पूर्वी कमान के प्रमुख बनने से पहले अंडमान एवं निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ थे। उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- Amar Ujala Samwad: 'संवाद' में हिस्सा लेंगे सीएम योगी आदित्यनाथ, विकास समेत अन्य मुद्दों पर रखेंगे अपने विचार

अब पूर्व सेना प्रमुख के बारे में जानते हैं...
पूर्व सेना प्रमुख का जन्म 6 मई 1962 को डॉ. सीजी पांडे और ऑल इंडिया रेडियो में अनाउंसर और होस्ट रह चुकीं प्रेमा के यहां हुआ था। उनका परिवार नागपुर से है। उन्होंने नियंत्रण रेखा के पास जम्मू और कश्मीर के संवेदनशील पल्लनवाला सेक्टर में ऑपरेशन पराक्रम के दौरान एक इंजीनियर रेजिमेंट की कमान संभाली थी। उन्होंने स्टाफ कॉलेज, कैम्बरली (यूनाइटेड किंगडम) से स्नातक और हायर कमांड और नेशनल डिफेंस कॉलेज कोर्सेस में भी भाग लिया। 


यह भी पढ़ें- Amar Ujala Samwad: 'संवाद' में शामिल होंगे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश के मुद्दों पर रखेंगे अपनी बात

एनडीए से हुई शुरुआत
शुरुआती स्कूलिंग के बाद जनरल (रिटायर्ड) मनोज पांडे ने नेशनल डिफेंस अकेडमी ज्वाइन की। एनडीए के बाद उन्होंने इंडियन मिलिट्री एकेडमी जॉइन की और बतौर अफसर कमीशन हुए थे। उन्होंने 3 मई 1987 को सरकारी डेंटल कॉलेज की गोल्ड मेडलिस्ट अर्चना सल्पेकर से शादी की थी।

यह भी पढ़ें- Amar Ujala Samwad: संवाद में शिरकत करेंगे इमरान हाशमी, सिनेमा और अभिनय से जुड़ी मजेदार बातों का करेंगे खुलासा

यूनाइटेड नेशन्स मिशन में बतौर चीफ इंजीनियर काम किया
जनरल (रिटायर्ड) को दिसंबर 1982 में बॉम्बे सैपर्स में कमीशन मिला, जो कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर्स की एक रेजिमेंट है। वह ब्रिटेन के कैमबर्ले के स्टाफ कॉलेज का भी हिस्सा रहे हैं। कोर्स पूरा होने के बाद वह भारत लौट आए और पूर्वोत्तर भारत की माउंटेन ब्रिगेड के ब्रिगेड मेजर नियुक्त किए गए। लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर पहुंचने के बाद उन्होंने इथियोपिया और इरिट्रिया में यूनाइटेड नेशन्स मिशन में बतौर चीफ इंजीनियर काम किया। देश के लिए अपनी चार दशकों की विशिष्ट सेवा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख ने आपरेशन पराक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया है।  

यह भी पढ़ें- Amar Ujala Samwad: 'संवाद' में 17-18 अप्रैल को जुटेंगी नामी हस्तियां, लखनऊ में हर मुद्दे पर रखे जाएंगे विचार

ऑपरेशन पराक्रम के दौरान रेजिमेंट कमांडर थे
ऑपरेशन पराक्रम के दौरान वह रेजिमेंट कमांडर थे। फिर उन्होंने आर्मी वॉर कॉलेज, महू में दाखिला लिया और हायर कमांड कोर्स पूरा किया। इसके बाद उन्हें हेडक्वॉर्टर 8 माउंटेन डिवीजन में कर्नल क्यू नियुक्त किया गया। मेजर जनरल के पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने 8 माउंटेन डिवीजन की कमान संभाली, जो पश्चिमी लद्दाख में ऊंचाई वाले अभियानों में शामिल था। इसके बाद उन्होंने सेना मुख्यालय में सैन्य अभियान निदेशालय में अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) के रूप में काम किया। लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत होकर उन्होंने दक्षिणी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ की जिम्मेदारी भी संभाली। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed