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Samvad: जब झगड़ा सुलझाने के लिए मुख्यमंत्रियों को बुलाकर दरवाजा बंद कर देते थे गडकरी, संवाद के मंच पर बताया
Tue, 03 Sep 2024 08:03 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 03 Sep 2024 08:03 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हमारे देश में एक समय 90 फीसदी आबादी गांवों में रहती थी। अब यह घटकर 65 फीसदी रह गई है। इस 65 फीसदी आबादी में हमारी ग्रोथ केवल 12 फीसदी है। अगर हमें आत्मनिर्भर भारत बनाना है तो हमे सबसे पहले ग्रामीण, आदिवासी, कृषि और विशेष रूप से जंगल इन चार क्षेत्रों का विशेष ध्यान रखना होगा।"
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमर उजाला संवाद हरियाणा के दूसरे दिन केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अमर उजाला के मंच पर विकसित भारत के रोडमैप पर चर्चा की। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा के लिए कृषि, ऊर्जा और आर्थिक क्षेत्र के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हमारे देश में एक समय 90 फीसदी आबादी गांवों में रहती थी। अब यह घटकर 65 फीसदी रह गई है। इस 65 फीसदी आबादी में हमारी ग्रोथ केवल 12 फीसदी है। अगर हमें आत्मनिर्भर भारत बनाना है तो हमे सबसे पहले ग्रामीण, आदिवासी, कृषि और विशेष रूप से जंगल इन चार क्षेत्रों का विशेष ध्यान रखना होगा।"
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गडकरी से जब चुनौतियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बार भूस्खलन हुए। समस्या ये है कि बाढ़ आती है, बादल फटता है इसलिए ये दिक्कतें आती हैं। मैं जल संसाधन मंत्री था। बाढ़ से संरक्षण के लिए राज्यों में 23 झगड़े थे। मैंने 17 झगड़े खत्म करा दिए। मैं क्या करता था सभी मुख्यमंत्रियों को बुलाकर दरवाजा बंद करा देता था। मैं बोलता था तुम निर्णय करो नहीं तो दरवाजा ही नहीं खुलेगा। मैं मजाक में कहता था और 17 झगड़े सुलझ गए। देश में पानी की कमी नहीं है। कई राज्यों में पानी को लेकर झगड़ा चल रहा है। हरियाणा-पंजाब, कर्नाटक-तमिलनाडु में ही विवाद है। मैंने उन्हें इसका सॉल्यूशन बताया। मैंने कहा कि सभी को पानी मिलेगा। मैंने कहा कि जैसे पावर ग्रिड बना, रोड ग्रिड बना, वैसा हमें वॉटर ग्रिड बनाना पड़ेगा।
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गडकरी मोदी सरकार के विकास पुरुष
विद्यार्थी जीवन से निकलकर देश की सियासत में ऊंचा मुकाम पाने वाले दिग्गजों में नितिन जयराम गडकरी का नाम प्रमुखता से आता है। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान छात्र हितों को लेकर अक्सर मुखर रहने वाले नितिन गडकरी आज देश की राजनीति के शीर्ष चेहरों में शुमार है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है। गडकरी, भारत सरकार में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय संभाल रहे हैं। उनके कार्यकाल में आलीशान सड़कों, एक्सप्रेस-वे और फ्लाईओवर के तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों के काम के कारण उन्हें मोदी सरकार का विकास पुरुष भी कहा जाता है।
नागपुर विश्वविद्यालय से एमकॉम, एलएलबी और बिजनेस मैनेजमेंट भी पढ़ा
गडकरी का जन्म 27 मई, 1957 को महाराष्ट्र के नागपुर शहर में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने राष्टसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय से बीकॉम, एमकॉम को डिग्री हासिल की। इसके अलावा कानून के क्षेत्र में रूचि होने के कारण उन्होंने यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लॉ, नागपुर से एलएलबी की पढ़ाई की। वहीं, एंटरप्रैन्योर स्किल्स बढ़ाने के लिए उन्होंने बिजनेस मैनेजमेंट में डिप्लोमा भी किया है। 18 दिसंबर, 1984 को गडकरी का विवाह कंचन के साथ हुआ। गडकरी दंपति के दो बेटे और एक बेटी है।
कुशल वक्ता और नेतृत्वकर्ता
गडकरी एक कुशल वक्ता, कार्यकर्ता और नेतृत्वकर्ता भी हैं। वे किशोरावस्था के दौरान ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में आ गए थे और उन्होंने कई दायित्व संभाले। वह 1976 में छात्र राजनीतिक संगठन अखिल भारतीय विद्या परिषद (ABVP) में शामिल हुए। छात्र हितों के लिए लगातार संघर्ष किया और बाद में भाजयुमो से जुड़ गए। 24 साल की उम्र में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का अध्यक्ष चुना गया था। वहीं, 35 साल की उम्र में वह महाराष्ट्र बीजेपी के प्रदेश महासचिव बन गए थे।
भाजपा के सबसे युवा अध्यक्ष रहे, नवाचारों में गहरी रूचि
2009 से 2013 तक भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन गडकरी ने पार्टी कार्यकताओं के लिए बूथ स्तर एक व्यवस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया। पार्टी अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल को सबसे सफल कार्यकालों में से एक के रूप में देखा जाता है। भाजपा की आईटी सेल भी गडकरी के कार्यकाल की एक उपलब्धि है। एक बिजनेसमैन और राजनेता के तौर पर नई तकनीकों, हरित प्रौद्योगिकियों, हरित ईंधन, जैव-ईंधन, कृषि विकास, कृषि को ऊर्जा और बिजली क्षेत्र में बदलने, रोजगार सृजन के लिए नवाचारों में उनकी गहरी रूचि रही है।
नागपुर से कभी नहीं हारे गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में अपने पंरापरागत लोकसभा सीट नागपुर से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की। नितिन गडकरी ने कांग्रेस प्रत्याशी विवेक ठाकुर को एक लाख 37 हजार से ज्यादा वोटों से मात दी थी। गडकरी को कुल 6 लाख 55 हजार से ज्यादा वोट मिले थे। इस तरह से नितिन गडकरी ने नागपुर लोकसभा सीट से जीत की हैट्रिक भी लगाई।
भारतमाला परियोजना की कमान
गडकरी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, बंदरगाहों, तटीय क्षेत्रों, नेशनल कॉरीडोर, इकोनॉमिक कॉरीडोर और नेशनल हाइ-वे की आपसी कनेक्टिविटी को साकार करने के लिए सागरमाला और भारतमाला परियोजना शुरू की थी। परियोजना के पहले चरण के अंतर्गत लगभग 34,800 किलोमीटर लंबे नेशनल इकोनॉमिक कॉरीडोर के विकास की परिकल्पना की गई है, जिसमें स्वर्णिम चतुर्भुज और उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम गलियारों के साथ सड़कों पर माल ढुलाई के लिए फ्रेट कॉरीडोर को बंदरगाहों और हवाईअड्डों से जोड़ा जाना है। इसके तहत 35 मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्कों भी विकसित किए जा रहे हैं।
5 साल में 9 करोड़ रुपए बढ़ी संपत्ति
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपने चुनावी हलफनामे में कुल 28.03 करोड़ रुपये की संपत्ति बताई है। चुनावी हलफनामे के मुताबिक बीते 5 साल में उनकी संपत्ति नौ करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ी है। जबकि 10 साल पहले नितिन गडकरी की संपत्ति 15.37 करोड़ रुपए थी। हलफनामे के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री और पत्नी के नाम पर 3-3 गाड़ियां हैं। जबकि उन्होंने कृषि, पारिश्रमिक और अन्य स्त्रोतों से होने वाली कमाई को अपनी आमदनी का जरिया बताया था।
नितिन गडकरी द्वारा संभाले गए प्रमुख पद
- 1976 में एबीवीपी से जुड़कर राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।
- 1979 में उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय छात्र परिषद की जिम्मेदार संभाली।
- 1985 वे नागपुर शहर भाजपा के सचिव बने।
- 1989 - 2014 सदस्य, महाराष्ट्र विधान परिषद।
- 1995 - 1999 पीडब्ल्यूडी मंत्री, महाराष्ट्र सरकार।
- 1999 - 2005 विपक्ष के नेता, महाराष्ट्र विधान परिषद।
- 2009 से 2013 तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।
- मई, 2014 में नागपुर से 16वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए।
- 27 मई, 2014 - 25 मई, 2019 केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, सड़क परिवहन और राजमार्ग; और शिपिंग
- 04 जून, 2014 - 09 नवंबर, 2014 केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, ग्रामीण विकास; पंचायती राज और पेयजल और स्वच्छता (अतिरिक्त प्रभार)
- 03 सितंबर, 2017 - 25 मई, 2019 केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण
- मई, 2019 में 17वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित हुए।
- 30 मई, 2019 से केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय।
- चार जून- नागपुर से लोकसभा चुनाव जीते
- नौ जून- मंत्री पद की शपथ लीं