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अमर उजाला पोल: सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का एकमात्र रास्ता रैली, प्रदर्शन और आंदोलन ही रह गया है
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 03 Oct 2018 08:53 PM IST
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स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर दिल्ली पहुंचे किसानों ने आखिरकार अपना मार्च वापस ले लिया। आंदोलन कर रहे देश भर के किसानों के प्रति रुख में नरमी लाते हुए केंद्र सरकार ने मंगलवार रात 12.40 बजे किसानों के जत्थे को दिल्ली में किसान घाट जाने की इजाजत दे दी। इसके बाद किसानों ने दिल्ली कूच किया। कुछ मांगों पर सहमति नहीं बनने के बावजूद किसानों ने आंदोलन खत्म कर अपने-अपने घर लौट जाने का फैसला किया।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का एकमात्र रास्ता रैली, प्रदर्शन और आंदोलन ही रह गया है?'
पोल के जवाब में हमें कुल 4,377 वोट मिले। इनमें 64.29 फीसदी (2,814 वोट) पाठकों ने माना कि सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का एकमात्र रास्ता रैली, प्रदर्शन और आंदोलन ही रह गया है, जबकि 35.71 फीसदी (1,563 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में कहा कि रैली, प्रदर्शन और आंदोलन किए बिना भी सरकार तक अपनी बात पहुंचायी जा सकती है।
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इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का एकमात्र रास्ता रैली, प्रदर्शन और आंदोलन ही रह गया है?'
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पोल के जवाब में हमें कुल 4,377 वोट मिले। इनमें 64.29 फीसदी (2,814 वोट) पाठकों ने माना कि सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का एकमात्र रास्ता रैली, प्रदर्शन और आंदोलन ही रह गया है, जबकि 35.71 फीसदी (1,563 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में कहा कि रैली, प्रदर्शन और आंदोलन किए बिना भी सरकार तक अपनी बात पहुंचायी जा सकती है।
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