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अमर उजाला पोल: पाठकों की राय, पेट्रोल और डीजल को भी जीएसटी के दायरे लाया जाना चाहिए

Sun, 22 Jul 2018 07:56 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 22 Jul 2018 07:56 PM IST
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Amar ujala Poll: Voters Think petrol and diesel should also be under GST impractical

शनिवार यानी 21 जुलाई को हुई जीएसटी काउंसिल की 28वीं बैठक में महिलाओं और आम उपभोक्ताओं को बड़ी मिली। इसमें महिलाओं की सेनेटरी नैपकिन को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से मुक्त कर दिया गया है जबकि एसी, वाशिंग मशीन, टीवी, फ्रिज जैसे 17 व्हाइट गुड्स (इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों) समेत 88 वस्तुओं का टैक्स स्लैब घटा दिया गया। पेट्रोल में इस्तेमाल होने वाले इथेनॉल पर जीएसटी 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। बता दें कि नई कर दरें 27 जुलाई से लागू होंगी।

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इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या पेट्रोल और डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए?'

पोल के जवाब में हमें कुल 4,033 वोट मिले। इनमें 85.3 फीसदी (3,440 वोट) पाठकों ने माना कि पेट्रोल और डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए, जबकि 14.7 फीसदी (593 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं लाया जाना चाहिए। 

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