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अमर उजाला पोल: सजा-ए-मौत की सजा देने के लिए फांसी की जगह किसी और विकल्प को नहीं चुनना चाहिए

Wed, 25 Apr 2018 06:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 25 Apr 2018 06:52 PM IST
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Amar Ujala Poll: other option instead of hanging to give death sentence is not right
केंद्र सरकार ने एकबार फिर कहा है कि मौत की सजा पाए कैदी के लिए फांसी की सजा ही सुरक्षित और आसान है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे के जबाव में केंद्र ने कहा है कि जहर के इंजेक्शन के जरिए दी जाने वाली मौत की सजा फांसी की सजा की तुलना में अधिक अमानवीय है।  
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केंद्र सरकार ने कहा कि फांसी की सजा मौत की सजा के लिए सबसे सुरक्षित सजा है। केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में जोर देते हुए कहा है कि मौत की सजा पाए कैदी को जहरीली सूई देना और गोली मार कर मौत देना एक अमानवीय कृत्य है। केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि फांसी की सजा केवल रेयरेस्ट ऑफ रेयर (अपराध के दुर्लभतम) मामलों में ही दी जाती है, लिहाजा ऐसी सजा के लिए फांसी की सजा ही बेहतर है।
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बता दें कि इससे पहले हुई सुनवाई में अमर सजा-ए-मौत की सजा देने के लिए फांसी की जगह किसी और विकल्प को चुनना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि विधायिका सजा-ए-मौत के मामले में फांसी के अलावा कोई दूसरा तरीका भी तलाश सकता है, जिसमें मौत शांति में हो पीड़ा में नहीं। वहीं अदालत का मानना रहा है कि हमारा संविधान दयालु है जो जीवन की निर्मलता के सिद्धांत को मानता आया है। ऐसे में विज्ञान में आई तेजी के चलते मौत के दूसरे तरीके भी तलाशे जाने चाहिए।
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इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या सजा-ए-मौत की सजा देने के लिए फांसी की जगह किसी और विकल्प को चुनना चाहिए?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 


कुल 3051 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 39.4 फीसदी (1202 वोट) पाठकों ने माना कि सजा-ए-मौत की सजा देने के लिए फांसी की जगह किसी और विकल्प को चुनना चाहिए। जबकि 60.6 फीसदी (1849) पाठकों ने माना कि सजा-ए-मौत की सजा देने के लिए फांसी की जगह किसी और विकल्प को नहीं चुनना चाहिए।
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