{"_id":"5b51f5924f1c1b3b5a8b605e","slug":"amar-ujala-poll-laws-need-to-be-created-to-prevent-marital-rape-in-the-country","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला पोल: देश में वैवाहिक बलात्कार रोकने के लिए कानून बनाए जाने की आवश्यकता","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
अमर उजाला पोल: देश में वैवाहिक बलात्कार रोकने के लिए कानून बनाए जाने की आवश्यकता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 20 Jul 2018 08:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसी महिला से उसकी इच्छा के बिना सेक्स करना रेप यानी बलात्कार माना जाता है। यह कानूनन अपराध है जिसके लिए भारतीय दंड संहिता में सजा का प्रवाधान है। लेकिन भारत में पति अपनी पत्नी की मर्जी के बिना उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाता है तो उसे अपराध नहीं माना जाता। यानी भारत में वैवाहिक बलात्कार या मैरिटल रेप कानूनन अपराध के दायरे से बाहर है।
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने वैवाहिक बलात्कार को अपराध मानने से इंकार किया है और कहा है कि ऐसा करना विवाह की संस्था के लिए खतरा साबित होगा। दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट वैवाहिक बलात्कार को अपराध करार देने की मांग वाली याचिकाओं का निपटारा कर रही है। कोर्ट ने इस बारे में केंद्र सरकार को अपना पक्ष रखने को कहा। इसके जवाब में केंद्र सरकार ने हलफनामा दायर कर कहा कि वैवाहिक बलात्कार को दंडनीय अपराध नहीं बनाया जा सकता क्योंकि ऐसा करना विवाह की संस्था के लिए खतरनाक साबित होगा। यह एक ऐसा चलन बन सकता है, जो पतियों को प्रताड़ित करने का आसान जरिया बन सकता है।
विज्ञापन
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या देश में वैवाहिक बलात्कार रोकने के लिए कानून बनाए जाने की आवश्यकता है?'
विज्ञापन
पोल के जवाब में हमें कुल 3,608 वोट मिले। इनमें 71.65 फीसदी (2,585 वोट) पाठकों ने माना कि देश में वैवाहिक बलात्कार रोकने के लिए कानून बनाए जाने की आवश्यकता है, जबकि 28.35 फीसदी (1,023 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि देश में वैवाहिक बलात्कार रोकने के लिए कानून बनाए जाने की जरूरत नहीं है।