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अमर उजाला पोल: राजस्थान के स्कूलों में हर शनिवार को बाबाओं का प्रवचन कराना सही नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 13 Jun 2018 07:09 PM IST
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राजस्थान शिक्षा विभाग ने स्कूलों के लिए अतिरिक्त पाठयक्रम गतिविधियों की एक सूची जारी की है। इस सूची के अनुसार महीने के हर तीसरे शनिवार को छात्र स्कूल परिसर में संतों के प्रवचन सुना करेंगे।
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ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ संस्कार भी सीख सकें। स्कूलों में बाल सभा का आयोजन किया जाएगा। वैसे तो पहले भी स्कूलों के अंदर बाल सभाओं का आयोजन किया जाता था लेकिन वह महज खानापूर्ति हुआ करती थी।
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मगर अब इसके लिए बकायदा कलेंडर जारी कर दिया गया है। बाल सभाओं में बच्चों को बालसरंक्षण संबंधित मुद्दों पर बाल चलचित्र, चित्रकला प्रतियोगिता आदि के जरिए बाल अधिकार और बाल संरक्षण के संबंध में जागरुकता पैदा करने की कोशिश की जाएगी। इसके साथ ही स्कूलों को बाल सभाओं और उत्सवों का रिकॉर्ड भी रखना होगा।
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इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या राजस्थान के स्कूलों में हर शनिवार को बाबाओं का प्रवचन कराना सही है?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 3013 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 29.67 फीसदी (894 वोट) पाठकों ने माना कि राजस्थान के स्कूलों में हर शनिवार को बाबाओं का प्रवचन कराना सही है। जबकि 70.33 फीसदी (2119) पाठकों ने माना कि राजस्थान के स्कूलों में हर शनिवार को बाबाओं का प्रवचन कराना सही नहीं है।