शीत सत्र से पहले सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, नोटबंदी पर विपक्ष हमलावर
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बुधवार से संसद में शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है, इस सत्र में नोटबंदी को लेकर विपक्ष के मजबूत रहने के आसार हैं। विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने की मजबूत तैयारी कर रखी है। सत्र से पहले सरकार ने अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
सरकार की तरफ से मंगलवार को बुलाई गई इस सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह समेत अन्य राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उम्मीद की जा रही है इस बैठक में नोटबंदी, पीओके सैन्य कार्रवाई, कश्मीर के हालात, जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा सोनिया गांधी ने भी 10 जनपथ पर एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में नोटबंदी पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जा सकती है। कांग्रेस दावा कर रही है कि इस बैठक में प्रमुख विपक्षी दल शामिल होंगे।
नोटबंदी को लेकर जहां एक ओर विपक्ष सरकार पर जोरदार हमले कर रहा है तो वहीं मोदी सरकार भी अपने इस कदम पर पूरी मजबूत नजर आ रही है। वो किसी भी प्रकार से अपने कदम वापस नहीं लेना चाहती। गाजीपुर की जनसभा में भी पीएम ने संकेत दे दिया कि देश उनके फैसले के साथ है।
कांग्रेस ने भी बुलाई अहम बैठक
एनडीए की बैठक में भी मोदी ने फैसले से पीछे न हटने की बात स्पष्ट कर दी। वहीं मोदी की जनसभा के कुछ वक्त बाद ही एक साथ प्रमुख विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोल दिया।लखनऊ में बसपा सुप्रीमों मायावती ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने गरीबों को मुसीबत में डाल दिया है।
उन्होंने गाजीपुर रैली में आई भीड़ पर चुटकी लेते हुए कहा कि मोदी की रैली में बिहार के लोग आए थे। दूसरी ओर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस कर नोटबंदी पर केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को भी नोटबंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खिंचाई करते हुए कहा कि वे अब आम लोगों का अपमान कर रहे हैं। विपक्षी दल बुधवार को राष्ट्रपति से मुलाकात कर सरकार से नोट बैन के फैसले को वापस लेने की मांग कर सकते हैं।