गुजरात: राज्य की पहली ट्रांसजेंडर महिला अलीशा पटेल को मिला पहचान पत्र
अलीशा को हमेशा से यह लगता था कि वह अंदर से एक महिला है। जब वह 12 साल की थी उसे लड़कों के शॉर्ट्स पहनने के बजाय, स्कूल की वर्दी में लंबी स्कर्ट पसंद थी लेकिन कभी किसी को बताया नहीं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलीशा ने बताया कि जेंडर डिस्फोरिया का निदान होने के बाद परिवर्तन प्रक्रिया में मुझे तीन साल लगे और आठ लाख रुपये खर्च करने पड़े। मैं अब एक महिला के रूप में अपना जीवन खुशी से जी रही हूं। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए पुनर्जन्म की तरह है।
Alisha Patel, a transwoman from Gujarat, gets recognized by the State govt, receives transgender identity card. "After being diagnosed with Gender Dysphoria, transformation process took me 3 years & cost me Rs 8 lakhs. I am happily living my life as a woman now," she said (24.07) pic.twitter.com/GVL0BikYLp
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 24, 2021
अलीशा पटेल को स्कूल में, कॉलेज में और अपने ऑफिस में भी भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि आंतरिक संघर्ष के बीच, मेरे परिवार के समर्थन और मनोचिकित्सक द्वारा परामर्श ने मुझे यह महसूस करने में मदद की कि मुझे लिंग डिस्फोरिया है।
सूरत के जिला सामाजिक रक्षा अधिकारी लालजी पटेल ने कहा कि पहले, ट्रांसजेंडर या ट्रांस महिला का पहचान प्राप्त करना एक लंबी प्रक्रिया थी। लेकिन अब यह ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के जरिए आसानी से हो गया है। अलीशा राज्य की पहली ट्रांस महिला हैं जिन्हें यह प्रमाण पत्र मिला है।