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जच्चा-बच्चा खिलखिलाएं तो फैज का दिल मुस्कराता है

Thu, 27 Apr 2017 06:46 PM IST
amarujala.com- Written By: इकराम वारिस
amarujala.com- Written By: इकराम वारिस Updated Thu, 27 Apr 2017 06:46 PM IST
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aligarh old man faiz mohammad is happy with the Immunization of child in muslim locality

हर शख्स की ख्वाहिश अलहदा होती है। किसी को दौलत की तो किसी को रसूख की तमन्ना होती है। मगर कुछ की सोच दूसरों के भले की होती है, इन्हीं में एक हैं फैज मोहम्मद, जिन्होंने 19 साल से जज्चा-बच्चा टीकाकरण को लेकर मुहिम छेड़ रखी है।

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वे कहते हैं जब टीकाकरण के बाद जज्चा-बच्चा खिलखिलाते हैं तो उनका दिल भी मुस्कराता है। घर हो या अस्पताल सब जगह वे टीकाकरण के फायदे बताने में संकोच नहीं करते। उनका दावा है कि उनके प्रयास से मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में टीकाकरण को लेकर संजीदगी बढ़ी है।
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फिजाओं में फैज

महानगर के हाथीवाला पुल देहलीगेट के रहने वाले फैज मोहम्मद (77) जिला महिला अस्पताल से बतौर स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी 30 सितंबर 1998 को सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद वे 1 अक्तूबर 1998 को स्वयंसेवी संस्था सिफ्सा से जुड़ गए।
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एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज का एक कम्युनिटी सेंटर जवां क्षेत्र में है, उसमें प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में कार्य करने लगे। फैज की सामाजिक कार्यों की खुशबू फिजाओं में तैर रही है।

भ्रांतियों पर भड़ास

aligarh old man faiz mohammad is happy with the Immunization of child in muslim locality
फैज मोहम्मद कहते हैं कि अक्सर उनकी भड़ास उस शख्स पर निकलती जब वह टीकाकरण को लेकर उल्टा-सीधा तर्क देता। खैर, बाद में टीकाकरण के फायदे और नुकसान के बारे उसे बताता भी। उसे जब तक संतुष्ट नहीं कर देता, तब तक मैं समझाता रहता। सुखद ये रहा कि उनकी प्रेरणा लोगों को काम आ रही है।

प्रेरणा आई काम

बकौल फैज, एक दिन वे जवां क्षेत्र के दौरे पर थे, उन्हें क्षेत्र में टीकाकरण की स्थिति दयनीय दिखी। वे विचलित हो गए। इसके बाद फैज पूरी तरह से समाजसेवा में उतर गए। हालांकि, नौकरी के दौरान भी टीकाकरण और फैमिली प्लानिंग को लेकर लोगों को प्रेरित करते थे। मुस्लिम क्षेत्रों में पहले टीकाकरण का प्रतिशत 10-12  था, लेकिन उनके प्रयास से अब 55-60 प्रतिशत हो गया है। फैज बताते हैं कि लोगों को टीकाकरण न कराने के दुष्परिणाम भी बताते थे। अब इसका असर ये है कि रोजाना 10-12 लोग टीकाकरण के लिए मशविरा लेने आते हैं।

टीकाकरण के प्रतिशत में इजाफा

यूनिसेफ की बीएमसी एकता शर्मा ने दावा किया है कि जिले में टीकाकरण का 2015-2016 में 30-35 प्रतिशत था, लेकिन अप्रैल 2017 में 60-61 प्रतिशत हो गया है।
 
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