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गुजरात: लोको पायलटों की सतर्कता से बचे रेलवे ट्रैक पर घूम रहे आठ शेर, इमरजेंसी ब्रेक लगाकर सभी को बचाया
Sun, 15 Dec 2024 06:36 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भावनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भावनगर
Published by: श्वेता महतो
Updated Sun, 15 Dec 2024 06:36 PM IST
सार
शुक्रवार को एक यात्री ट्रेन के लोको पायलट ने चलाला-धारी सेक्शन में एक शेर और उसके दो बच्चों को ट्रैक पार करते हुए देख इमर्जेंसी ब्रेक लगाई। जानकारी मिलने पर वन रक्षक मौके पर पहुंचे।
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शेर (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : ANI
विस्तार
एक मालगाड़ी और यात्री ट्रेन के लोगो पायलटों ने पिछले दो दिनों में गुजरात के भावनगर में समय पर ब्रेक लगाकर रेलवे पटरियों पर घूम रहे आठ शेरों की जान बचाई। एक अधिकारी ने रविवार को इसकी जानकारी दी। पश्चिम रेलवे के भावनगर डिवीजन के लोको पायलटों की सतर्कता और वन विभाग के ट्रैकर्स की मदद से इस साल अबतक 104 शेरों को बचाया गया है।
एक विज्ञप्ति के अनुसार, गुरुवार को हापा से पीपावाव बंदरगाह की तरफ जा रही एक मालगाड़ी के लोको पायलट ने राजुला शहर के पास पांच शेरों को रेलवे ट्रैक पार करते देखा। लोको पायलट ने शेरों को रेलवे ट्रैक पार करने और ट्रेन को रोकने के लिए इमरजेंसी ब्रेक लगाया। विज्ञप्ति में कहा गया कि वन रक्षक के मौके पर पहुंचने और सभी स्थितियां सामान्य पाए जाने के बाद ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई।
शेरों को देखकर लोको पायलट ने लगाई इमर्जेंसी ब्रेक
इसी तरह शुक्रवार को एक यात्री ट्रेन के लोको पायलट ने चलाला-धारी सेक्शन में एक शेर और उसके दो बच्चों को ट्रैक पार करते हुए देख इमर्जेंसी ब्रेक लगाई। जानकारी मिलने पर वन रक्षक मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर पहुंचकर उन्होंने देखा कि शेर रेलवे ट्रैक पार कर चुके हैं। स्थितियां सामान्य होने पर ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई।
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पिपावाव बंदरगाह को उत्तरी गुजरात से जोड़ने वाली रेलवे लाइन पर एशियाई शेर या तो गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं या फिर उनकी मौत हो जाती है। गुजरात हाई कोर्ट ने इस पर चिंता जताई। उन्होंने ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अधिकारियों से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रक्रिया (एसओपी) लाने का निर्देश दिया। भावनगर डिवीजन ने लोको पायलटों से निर्धारित गति का पालन करते हुए विशेष सतर्कता के साथ काम करने का निर्देश दिया। राज्य वन विभाग ने शेरों को बचाने के लिए कुछ स्थानों पर रेलवे ट्रेक के किनारे बाड़ लगाई है।
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एक विज्ञप्ति के अनुसार, गुरुवार को हापा से पीपावाव बंदरगाह की तरफ जा रही एक मालगाड़ी के लोको पायलट ने राजुला शहर के पास पांच शेरों को रेलवे ट्रैक पार करते देखा। लोको पायलट ने शेरों को रेलवे ट्रैक पार करने और ट्रेन को रोकने के लिए इमरजेंसी ब्रेक लगाया। विज्ञप्ति में कहा गया कि वन रक्षक के मौके पर पहुंचने और सभी स्थितियां सामान्य पाए जाने के बाद ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई।
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शेरों को देखकर लोको पायलट ने लगाई इमर्जेंसी ब्रेक
इसी तरह शुक्रवार को एक यात्री ट्रेन के लोको पायलट ने चलाला-धारी सेक्शन में एक शेर और उसके दो बच्चों को ट्रैक पार करते हुए देख इमर्जेंसी ब्रेक लगाई। जानकारी मिलने पर वन रक्षक मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर पहुंचकर उन्होंने देखा कि शेर रेलवे ट्रैक पार कर चुके हैं। स्थितियां सामान्य होने पर ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई।
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पिपावाव बंदरगाह को उत्तरी गुजरात से जोड़ने वाली रेलवे लाइन पर एशियाई शेर या तो गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं या फिर उनकी मौत हो जाती है। गुजरात हाई कोर्ट ने इस पर चिंता जताई। उन्होंने ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अधिकारियों से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रक्रिया (एसओपी) लाने का निर्देश दिया। भावनगर डिवीजन ने लोको पायलटों से निर्धारित गति का पालन करते हुए विशेष सतर्कता के साथ काम करने का निर्देश दिया। राज्य वन विभाग ने शेरों को बचाने के लिए कुछ स्थानों पर रेलवे ट्रेक के किनारे बाड़ लगाई है।