पाक की चेतावनी से रिश्तों में आया नया 'अलर्ट'
- पाक ने जारी किया था आतंकी अलर्ट
- रिश्तों में जुड़ी नई परत
- कुछ दिनों में पाक से आएगी एसआईटी टीम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तान की ओर से जारी किए गए सुरक्षा एलर्ट के बाद दोनों मुल्कों के रिश्ते नए रास्ते की ओर बढ़ रहे हैं क्योंकि यह बहुत ही दुर्लभ संयोग है। यदि पाकिस्तान की से आने वाला कोई और आतंकी हमला भारत में होता तो दोनों के रिश्ते और भी ज्यादा कठिन दौर में पहुंच जाते और मौजूदा मोदी सरकार को देश का भारी दबाव सहना पड़ता।
बीते साल 6 दिसंबर को जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और विदेश सचिव एस. जयशंकर अपने-अपने समकक्षों नासिर खान जंजुआ और एजाज अहमद से मिले थे तो दोनों देशों की ओर से सहमति जताई गई थी कि वो सुरक्षा और आतंकवाद पर बातचीत जारी रखेंगे।
पाक के इस कदम को उफा में हुई दोनों प्रधानमंत्रियों की मुलाकात और फिर प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिना किसी सूचना के पाक पीएम नवाज शरीफ के जन्मदिन पर पहुंच जाना, दोनों मुल्कों के रिश्ते में एक नया अध्याय जोड़ा।
पाक को करनी होगी विश्वसनीय कार्रवाई
हालांकि पठानकोट सरीखी घटनाओं ने कुछ उम्मीदों पर पानी फेरने और आतंक को बातचीत से अलग करने का प्रयास किया गया था। लेकिन दोनों राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकारों ने बातचीत बंद नहीं की।
इतना ही नहीं जब अजीत डोवाल अन्यथा कोई भी भारतीय अफसर उस विषय पर बात करने को तैयार नहीं था उस समय पाक पीएम नवाज शरीफ के विदेश नीति सलाहकार सरताज अजीज ने ऑन रिकॉर्ड कहा कि उन्हें भारत से सुराग मिले हैं और भारत की ओर से दिए गए मोबाइल नंबरों को भी ट्रेस कराया और मसूद अजहर को भी कारावास में डाला।
सरताज अजीज ने बीते हफ्ते इस बात की घोषणा भीकी थी कि पाकिस्तान की एक टीम अगले कुछ दिनों के भीतर पठानकोट आकर मामले की जांच करेगी। पाक के इस दौरे को लेकर विदेश मंत्रालय भी आने वाले प्रतिनिधिमंडल संरचना की जानकारी बनाए रखी है। पाक के लिए भारत जाने वाला प्रतिनिधिमंडल खासा मायने रखता है। पाकिस्तानी अधिकारियों को भी विश्वसनीय कार्रवाई करनी होगी।