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चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटा सकते हैं अखिलेश, साईकिल की जगह मोटरसाईकिल होगा चुनाव चिह्न
धीरज कनोजिया/ नई दिल्ली
Updated Sat, 31 Dec 2016 04:14 AM IST
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
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समाजवादी पार्टी (सपा) से निष्कासित मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की नई पार्टी का नाम प्रोग्रेसिव समाजवादी पार्टी (पीएसपी) और चुनाव निशान साइकिल की जगह मोटरसाइकिल हो सकता है। माना जा रहा है कि सपा पर दावे को चुनाव आयोग द्वारा ठुकराए जाने की स्थिति में अखिलेश विकल्प के तौर पर पीएसपी और मोटरसाइकिल पर दावा करेंगे।
नई पार्टी और नए चुनाव निशान पर पार्टी से दूसरी बार निष्कासित किए गए रामगोपाल यादव आयोग से पहले भी चर्चा कर चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक यह चर्चा तब हुई थी जब करीब दो महीने पूर्व पहली बार मुलायम परिवार में सत्ता संघर्ष चरम पर पहुंचा था।
अखिलेश खेमे के शीर्ष सूत्रों की माने तो रामगोपाल यादव ने अखिलेश को मोटरसाइकिल का विकल्प भी दिया है। दरअसल, समाजवादी पार्टी के महासंग्राम के पहले एपिसोड के दौरान ही रामगोपाल यादव ने यह विकल्प तैयार किया था। उन्होंने इस संबंध में बाकायदा चुनाव आयोग का दरवाजा खटकटाया था। उनकी योजना के मुताबिक नई पार्टी के तौर पर प्रोग्रेसिव समाजवादी पार्टी रहेगा और साइकिल की जगह चुनाव चिन्ह् मोटर साइकिल रहेगा।
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हालांकि चुनाव आयोग का इस प्रस्ताव पर क्या रूख रहेगा। इसे लेकर अखिलेश खेमा कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। लेकिन समाजवादी पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव को झटका देने के लिए यह दांव भी खेला जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग से अखिलेश खेमा अपनी अलग पार्टी के लिए प्रस्ताव रख सकता है। यदि अलग पार्टी की इजाजत नहीं मिलती तो उनके समर्थक उम्मीदवारों के समूह को मोटर साइकिल के निशाने पर लड़ाने की भी अपील की जा सकती है।
पार्टी के सूत्र बता रहे है कि रामगोपाल यादव नए साल के पहले हफ्ते में मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी से भी मुलाकात कर सकते हैं। पार्टी के नेताओं का मानना है कि अखिलेश खेमे को साइकिल पर चुनाव लडने की इजाजत मिलने की उम्मीद कम है। इसलिए मोटर साइकिल के चुनाव चिन्ह् पर भी दांव लगाने का विकल्प रखा है।
हालांकि सपा के अंदर यह चर्चा भी है कि चुनाव आयोग में साइकिल का चुनाव चिंह् रामगोपाल यादव के नाम पर है लेकिन मुलायम खेमा इससे इंकार करते हुए कह रहा है कि साइकिल पर एकाधिकार नेता जी का ही है।
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नई पार्टी और नए चुनाव निशान पर पार्टी से दूसरी बार निष्कासित किए गए रामगोपाल यादव आयोग से पहले भी चर्चा कर चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक यह चर्चा तब हुई थी जब करीब दो महीने पूर्व पहली बार मुलायम परिवार में सत्ता संघर्ष चरम पर पहुंचा था।
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अखिलेश खेमे के शीर्ष सूत्रों की माने तो रामगोपाल यादव ने अखिलेश को मोटरसाइकिल का विकल्प भी दिया है। दरअसल, समाजवादी पार्टी के महासंग्राम के पहले एपिसोड के दौरान ही रामगोपाल यादव ने यह विकल्प तैयार किया था। उन्होंने इस संबंध में बाकायदा चुनाव आयोग का दरवाजा खटकटाया था। उनकी योजना के मुताबिक नई पार्टी के तौर पर प्रोग्रेसिव समाजवादी पार्टी रहेगा और साइकिल की जगह चुनाव चिन्ह् मोटर साइकिल रहेगा।
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हालांकि चुनाव आयोग का इस प्रस्ताव पर क्या रूख रहेगा। इसे लेकर अखिलेश खेमा कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। लेकिन समाजवादी पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव को झटका देने के लिए यह दांव भी खेला जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग से अखिलेश खेमा अपनी अलग पार्टी के लिए प्रस्ताव रख सकता है। यदि अलग पार्टी की इजाजत नहीं मिलती तो उनके समर्थक उम्मीदवारों के समूह को मोटर साइकिल के निशाने पर लड़ाने की भी अपील की जा सकती है।
पार्टी के सूत्र बता रहे है कि रामगोपाल यादव नए साल के पहले हफ्ते में मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी से भी मुलाकात कर सकते हैं। पार्टी के नेताओं का मानना है कि अखिलेश खेमे को साइकिल पर चुनाव लडने की इजाजत मिलने की उम्मीद कम है। इसलिए मोटर साइकिल के चुनाव चिन्ह् पर भी दांव लगाने का विकल्प रखा है।
हालांकि सपा के अंदर यह चर्चा भी है कि चुनाव आयोग में साइकिल का चुनाव चिंह् रामगोपाल यादव के नाम पर है लेकिन मुलायम खेमा इससे इंकार करते हुए कह रहा है कि साइकिल पर एकाधिकार नेता जी का ही है।