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सेना प्रमुख के बयान पर AIUDF मुखिया बदरुद्दीन का पलटवार, बोले- ये बात हजम नहीं हुई

Thu, 22 Feb 2018 05:38 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 22 Feb 2018 05:38 PM IST
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AIUDF president Badruddin Ajmal says Army chief Bipin Rawat is indulging in politics 
बदरुद्दीन अजमल
सेना प्रमुख विपिन रावत के बयान के बाद अब ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) मुखिया बदरुद्दीन अजमल ने उनपर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि रावत सेना प्रमुख हैं लेकिन उनका बयान राजनीति से प्रेरित है। यह बयान उन पर शोभा नहीं देता है। हम उनकी बहुत इज्जत करते हैं लेकिन उनका यह बयान हजम नहीं हो रहा है। 
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बता दें कि आर्मी चीफ ने कहा कि चीन और पाकिस्तान भारत की मजबूती को हिलाने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं इसलिए उन्होंने प्रॉक्सी वॉर का रास्ता चुना है। उत्तरी पूर्व के रास्ते भारत आने वाले शरणार्थियों को आर्मी चीफ ने चीन की चाल बताया है। उनका कहना है कि चीन की मिलीभगत से भारत में पाकिस्तान इस रास्ते अपने आतंकी भेज रहा है। बुधवार को राजधानी में उत्तर पूर्व में सीमा सुरक्षा को लेकर हुए एक सेमिनार में आर्मी चीफ ने यह बात कही है। 
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इस मौके पर आर्मी चीफ ने राजनीतिक संगठन AIUDF का जिक्र कर दिया जिस पर विवाद गरमा गया। पड़ोसी देशों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जिस तरह कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए आतंकवादी भेजे जाते हैं। उसी तरह नार्थ ईस्ट में अशांति फैलाने के लिए अवैध आबादी को भारत में भेजा जाता है। इसके पीछे सेना प्रमुख ने वोट बैंक की राजनीति को दोषी बताया। उन्होंने कहा कि नार्थ ईस्ट में AIUDF नाम का राजनीतिक संगठन विकास कर रहा है। इस पार्टी का विकास बीजेपी के मुकाबले तेज हुआ है। हालांकि सेना ने कहा है कि इसमें ‘राजनीतिक’ और ‘धार्मिक’ जैसा कुछ भी नहीं है।
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AIUDF president Badruddin Ajmal says Army chief Bipin Rawat is indulging in politics 
फाइल फोटो
जनरल रावत के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने कहा है कि जनरल को इसकी चिंता क्यों होनी चाहिए कि लोकतांत्रिक एवं धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के आधार पर गठित एक पार्टी भाजपा के मुकाबले तेजी से आगे बढ़ रही है। उनके इस राजनीतिक बयान से हम स्तब्ध हैं। बकौल अजमल, एआईयूडीएफ और आप जैसी पार्टियां भाजपा जैसी बड़ी पार्टियों के कुशासन के कारण वजूद में आईं हैं। सेना प्रमुख के इस बयान को लेकर पार्टी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी शिकायत की है। 

मालूम हो कि 2005 में अस्तित्व में आई एआईयूडीएफ के तीन सांसद हैं और असम विधानसभा में 13 विधायक हैं। लोकसभा सदस्य और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सेना प्रमुख को राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। किसी राजनीतिक दल के विकास पर बयान देना उनका काम नहीं है। लोकतंत्र और संविधान इसकी इजाजत नहीं देता है। भारत में सेना हमेशा चुनी हुई नागरिक सरकार के अधीन काम करती रही है।
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