फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Aired state’s views in my assembly address, not Raj Bhavan’s policies: Bengal Guv

Bengal: राज्यपाल बोस बोले- मेरे विधानसनभा के भाषण में राज्य सरकार की नीतियों का किया जिक्र, राजभवन नहीं

Sun, 16 Feb 2025 03:58 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता। Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 16 Feb 2025 03:58 PM IST
सार

Bengal: राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने अपने भाषण पर उठी आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि यह राज्य सरकार की नीतियों का प्रतिबिंब था, न कि राजभवन का। उन्होंने बताया कि भाषण मंत्रिमंडल की सलाह से तैयार किया गया था और उन्होंने कुछ बदलावों पर सहमति बनाई थी।

विज्ञापन
Aired state’s views in my assembly address, not Raj Bhavan’s policies: Bengal Guv
बंगाल राज्यपाल सीवी आनंद बोस - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने रविवार को विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन दिए अपने भाषण पर उठी आलोचनाओं को खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनका भाषण राज्य सरकार की नीतियों का प्रतिबिंब था, न कि राजभवन का। 

विज्ञापन


बोस ने 10 फरवरी को बजट सत्र के पहले दिन भाषण दिया था। इस पर विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि उनका भाषण राज्य सरकार ने शुरू में उन्हें जो प्रदान किया था उसका एक संशोधित संस्करण था। बोस ने पीटीआई से बातचीत में कहा, 'राज्यपाल का भाषण राज्यपाल का नीति वक्तव्य नहीं होता, बल्कि राज्य सरकार का नीति वक्तव्य होता है। राज्य सरकार का नीति वक्तव्य मंत्रिमंडल की सलाह पर दिया जाता है। वह जो भी पारित करते हैं, वहीं सरकार की नीति होती है, जिसे राज्यपाल सदन में पेश करते हैं।' 
विज्ञापन


उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्यपाल वहीं बोलेंगे जो मंत्रिमंडल ने लिखा है। बोस ने कहा, 'कुछ ऐसे संदर्भों को हटाया जा सकता था, जो मैं सोच रहा था। लेकिन मैंने अपने विचार थोपने के बजाय सरकार को बताया कि ये वो बदलाव हैं, जो किए जा सकते हैं, जिन्हें उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया। इसलिए एक आम सहमति  बनी थी। राज्यपाल की भूमिका टकराव को प्रोत्साहित करना नहीं बल्कि आम सहमति बनाना है।'
विज्ञापन
विज्ञापन


मैंने भी कई राज्यपालों के भाषण लिखे, कभी विवादित टिप्पणियां नहीं जोड़ीं: बोस
पूर्व नौकरशाह बोस ने कहा, मैंने कई बार राज्यपाल के भाषण तैयार किए हैं और कभी भी उनमें कोई विवादास्पद टिप्पणियां या कटाक्ष नहीं जोड़े। राज्य सरकार के सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि चार फरवरी को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यपाल के भाषण को संविधान के अनुच्छेद 163 (1) के अनुसार मंजूरी दी गई थी और उसे राज भवन भेजा गया था। 


'बिना बॉयकॉट-वॉकआउट के समाप्त नहीं होता राज्यपाल का भाषण'
एक सूत्र ने कहा, राज्यपाल ने इसे प्राप्त करने के बाद कुछ बदलाव करने का सुझाव दिया था और राज्य सरकार ने उन बदलावों को भाषण में शामिल किया। अपने संबोधन पर विपक्ष की आलोचनाओं पर बोस ने कहा, जब विपक्ष ने भाषण के कुछ संदर्भों पर आपत्ति जताई, तो मैंने उन्हें धैर्यपूर्वक सुना, फिर मैं आगे बढ़ा। दो बार रुककर मैंने उनकी बातें सुनीं। अब मुझे मीडिया से जानकारी मिली है कि यह बहुत दुर्लभ है कि राज्यपाल का भाषण बिना विपक्ष के बहिष्कार या वॉकआउट के समाप्त होता है इसका मतलब है कि विपक्ष भी सहमति की भावना को मानता है। 

संबंधित वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed