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Air Quality: ऐसे कैसे सुधरेगी हवा? वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र के तय लक्ष्य से बहुत पीछे सरकार
Tue, 10 Jan 2023 07:36 PM IST
नितिन गौतम
नई दिल्ली, अमर उजाला न्यूज डेस्क
नई दिल्ली, अमर उजाला न्यूज डेस्क
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 10 Jan 2023 07:36 PM IST
सार
Air Quality: नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत सरकार की कोशिश साल 2024 तक देश के 102 शहरों में पीएम2.5 और पीएम10 लेवल में 20-30 फीसदी की कमी लाने की है।
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वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
खराब वायु गुणवत्ता देश के विकास के लिए चुनौती बनकर उभरी है। ऐसे में सरकार ने साल 2019 में 'नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम' की शुरुआत की थी। इस प्रोग्राम के तहत साल 2024 तक देश में 1500 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र (Air Quality Monitoring Station) बनाए जाने थे लेकिन अभी तक सिर्फ 180 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र ही बनाए गए हैं! केंद्र सरकार ने 10 जनवरी 2019 को नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम लॉन्च किया था।
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नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत सरकार की कोशिश साल 2024 तक देश के 102 शहरों में पीएम2.5 और पीएम10 लेवल में 20-30 फीसदी की कमी लाने की है। सितंबर 2022 में सरकार ने नए लक्ष्य तय करते हुए पर्टिकुलेट मैटर में 2026 तक 40 फीसदी की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। साल 2019 में देश में 703 मैनुअल मॉनिटरिंग स्टेशन थे जिसके बाद से अब तक यह आंकड़ा बढ़कर 883 हो गया है। सरकार ने बीते दो सालों में 45 स्टेशन हर साल स्थापित किए लेकिन तय लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार को हर साल 300 स्टेशन बनाने होंगे। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
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सरकार अब जो एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन बनाएगी उन सभी में पीएम2.5 की निगरानी क्षमता से लैस होंगे लेकिन अभी जो स्टेशन हैं, उनमें 883 में से महज 360 ही इस क्षमता से लैस हैं। सरकार को देश के ग्रामीण इलाकों में 100 मॉनिटरिंग स्टेशन बनाने हैं, जिनमें से अभी तक महज 27 स्टेशन ही स्थापित किए जा सके हैं।
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