CISC: कौन हैं एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित? जो संभालेंगे सीआईएससी चीफ का कार्यभार; इन विमानों को उड़ाने का अनुभव
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने करीब चार दशकों के अपने विशिष्ट सैन्य करियर में विभिन्न कमान, स्टाफ और प्रशिक्षण संबंधी पदों पर कार्य किया है। उन्हें अपनी सेवाओं के लिए अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल और वायु सेना मेडल से सम्मानित किया गया है।
विस्तार
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने गुरुवार को एकीकृत रक्षा स्टाफ (सीआईएससी) के प्रमुख का कार्यभार संभाल लिया। जिसे एकीकृत रक्षा स्टाफ के मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण पद माना जाता है। आशुतोष दीक्षित के पास 20 से अधिक प्रकार के विमानों को 3,300 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। वह एक कुशल लड़ाकू पायलट हैं। वे लेफ्टिनेंट जनरल जेपी मैथ्यू का स्थान लेंगे, जो बुधवार को सेवानिवृत्त हो गए। पदभार ग्रहण करने से पहले, एयर मार्शल दीक्षित ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
करीब चार दशकों के अपने विशिष्ट सैन्य करियर में एयर मार्शल दीक्षित ने विभिन्न कमान, स्टाफ और प्रशिक्षण संबंधी पदों पर कार्य किया है। उन्हें अपनी सेवाओं के लिए अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल और वायु सेना मेडल से सम्मानित किया गया है।
सीआईएससी का कार्यभार संभालने से पूर्व, एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित केंद्रीय वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने उत्तर भारत और मध्य क्षेत्र में संचालनात्मक तत्परता बढ़ाने और अन्य सेनाओं के साथ समन्वय को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया।
एयर मार्शल दीक्षित 6 दिसंबर 1986 में भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन हुए थे। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला; रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज (बांग्लादेश) और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज, नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं।
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20 से अधिक तरह के विमान उड़ाने का है अनुभव
एयर मार्शल दीक्षित एक योग्य उड़ान प्रशिक्षक और प्रायोगिक परीक्षण पायलट हैं। उनके पास मिराज-2000, मिग-21 और जगुआर सहित 20 से अधिक प्रकार के विमानों को उड़ाने का अनुभव है।एयर मार्शल दीक्षित ने दक्षिणी सेक्टर के एक प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान भी संभाली, जहां उनके नेतृत्व में उस बेस को कमान का सर्वश्रेष्ठ बेस घोषित किया गया।
बेंगलुरु स्थित एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट में एक परीक्षण पायलट और बाद में फ्लाइट टेस्ट स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर के रूप में, वे कई स्वदेशी उन्नयन और विकास कार्यक्रमों में शामिल रहे, जिनमें जगुआर और मिग-27 के एवियोनिक्स अपग्रेड शामिल हैं।
एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने वायुसेना के ट्रेनिंग कमांड की कमान संभाली
एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने बृहस्पतिवार को भारतीय वायु सेना के ट्रेनिंग कमांड का नेतृत्व संभाला। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने मुख्यालय में एक गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया और युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। जून 1987 में कमीशन प्राप्त करने वाले सिंह के नाम 4,500 से अधिक उड़ान घंटों का अनुभव है। उन्होंने एक फाइटर स्क्वाड्रन, रडार स्टेशन और एक प्रमुख फाइटर बेस की कमान संभाली है। इसके अलावा वह उन्होंने सहायक वायुसेनाध्यक्ष (आक्रमण), सहायक वायुसेनाध्यक्ष (रणनीति) और वरिष्ठ एयर स्टाफ ऑफीसर, पूर्वी वायु कमान के महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे हैं। उनकी नियुक्ति से वायुसेना के प्रशिक्षण प्रणाली को नई गति मिलने की उम्मीद है। उनका व्यापक अनुभव और नेतृत्व क्षमता वायुसेना के प्रशिक्षण मानकों को और मजबूत करेगा।
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