ईडी ने प्रफुल्ल पटेल को दूसरी बार भेजा समन, एयर इंडिया घोटाला मामले में होगी पूछताछ
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एयर इंडिया में हुए करोड़ों रुपये के सीट घोटाला मामले में यूपीए सरकार में विमानन मंत्री रहे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता प्रफुल्ल पटेल को पूछताछ के लिए दूसरी बार समन भेजा है। ईडी ने उन्हें 10 या 11 जून को पेश होने के लिए कहा है। एयर इंडिया में हुए कथित करोड़ों रुपये के घोटाले में किसी राजनेता के खिलाफ यह पहली बड़ी कार्रवाई है।
इससे पहले ईडी ने पटेल को 6 जून को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। लेकिन उन्होंने पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण दूसरी तारीख मांगी थी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार किए गए लॉबिस्ट दीपक तलवार के खुलासों और एजेंसी द्वारा जुटाए गए सुबूतों के आधार पर पटेल से पूछताछ की जानी है।
ED has issued second summon to Praful Patel, former Aviation Minister, in connection with airline seat scam case. ED has asked him to appear on June 10 or 11. Earlier, Patel was summoned for questioning on June 6, but he sought another date due to prior commitments. (file pic) pic.twitter.com/QOinYBoJob
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 8, 2019
पटेल ने कहा- जांच में सहयोग देंगे
फिलहाल राज्यसभा से सांसद हैं और मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री थे। पटेल ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि वो जांच एजेंसी को पूछताछ के दौरान पूरा सहयोग देंगे।
62 साल के पटेल महाराष्ट्र के बांद्रा-गोंदिया सीट से चार बार सासंद रह चुके हैं और 2004 में नागर विमानन मंत्री थे। 2011 में उनको भारी उद्योग मंत्रालय दिया गया था। ईडी ने इस घोटाले के संबंध में दीपक तलवार के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।
एयर इंडिया घोटले में पहली बार किसी राजनेता पर कार्रवाई
एयर इंडिया में कथित करोड़ों रुपये के घोटाले में किसी नेता के खिलाफ यह पहली बड़ी कार्रवाई है। जांच एजेंसी ने हाल ही में मामले में चार्जशीट दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि तलवार लगातार पटेल के संपर्क में थे।
ईडी ने कोर्ट को बताया था कि पटेल और तलवार के बीच हुई बातचीत के पुख्ता सुबूत हैं, जिनमें ई-मेल भी शामिल हैं। चार्जशीट में तलवार पर अपने संपर्कों का इस्तेमाल कर निजी एयरलाइन को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से भी जुड़ा हुआ है। ईडी ने इससे पहले अदालत को बताया था कि वह एयर इंडिया के लाभ देने वाले मार्गों और समय को कतर एयरवेज, अमीरात एंड एयर अरेबिया समेत विदेशी एयरलाइनों को देने का पक्ष लेने वाले नागर विमानन मंत्रालय, नेशनल एविएशन कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसीआईएल) और एयर इंडिया के अधिकारियों के नामों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
ईडी के अधिवक्ता ए आर आदित्य ने अदालत को बताया था कि इसकी वजह से राष्ट्रीय एयरलाइंस को मार्केट शेयरों को भारी नुकसान हुआ तथा निजी घरेलू और विदेशी एयरलाइंस को जबरदस्त फायदा भी हुआ।