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एअर इंडिया फुकेट-दिल्ली फ्लाइट का पायलट नशे में था: एएआईबी की जांच में पुष्टि, टर्बुलेंस से कई लोग हुए थे घायल
Fri, 04 Sep 2026 12:19 PM IST
नितिन गौतम
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 04 Sep 2026 12:19 PM IST
सार
एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट का पायलट एएआईबी की जांच में नशे में पाया गया है। एएआईबी ने इस मामले को बेहद गंभीर माना है और डीजीसीए को इस मामले में कड़ी कार्रवाई की भी सिफारिश की है।
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एअर इंडिया विमान में टर्बुलेंस।
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
एएआईबी (एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) की जांच में एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के कमांडिंग पायलट के ड्रग के असर में होने की पुष्टि हुई है। 4 अगस्त की घटना में इस उड़ान में टर्बुलेंस हुआ था, जिसमें एक झटके में विमान 300 फीट नीचे आ गया था। इस घटना में कई यात्री घायल हुए थे। एएआईबी ने एक बयान में कहा है कि विमान का कमांडिंग पायलट साइकोएक्टिव पदार्थ परीक्षण में नॉन निगेटिव पाया गया है। एएआईबी ने कहा है कि कमांडिंग पायलट की ड्रग के नशे में होने की पुष्टि गंभीर चिंता का विषय है। साथ ही उन्होंने कहा कि तकनीकी और अन्य पहलुओं की विस्तृत जांच जारी है।
एएआईबी ने डीजीसीए से की कार्रवाई की सिफारिश
एएआईबी ने अपनी अंतरिम सुरक्षा सिफारिश में कहा, 'उड़ान दल के एक सदस्य में साइकोएक्टिव पदार्थ की जांच का परिणाम नॉन-नेगेटिव पाए जाने के मद्देनजर, यह सिफारिश की जाती है कि डीजीसीए साइकोएक्टिव पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए उचित समझी जाने वाली कार्रवाई करे।'
घटना के चलते कई यात्री हुए थे घायल
4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट एआई 2379 एयरबस A320 विमान से संचालित हो रही थी। विमान में दो पायलट और छह केबिन क्रू समेत कुल 145 लोग सवार थे। इस घटना में एयरबस A320 विमान अचानक से 300 फुट नीचे आ गया था, जिससे कई यात्री घायल हुए थे और विमान में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी। इस घटना के बाद शुरुआती जांच में पायलट के नशे में होने की बात कही गई थी, जिसके बाद विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ गए थे।
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एएआईबी ने 10 पन्नों की अंतरिम रिपोर्ट दी
10 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, विमान के दिल्ली हवाईअड्डे पर उतरने के बाद 24 लोगों को चिकित्सकीय सहायता दी गई। इनमें से चार लोगों को गंभीर चोटें आई थीं। एजेंसी ने कहा, 'साइकोएक्टिव पदार्थ के सेवन की पुष्टि गंभीर चिंता का विषय है और एएआईबी प्राथमिकता के आधार पर डीजीसीए द्वारा उचित कार्रवाई की सिफारिश करता है।' एएआईबी ने कहा, 'जांच दल ने दिल्ली हवाईअड्डे पर उड़ान दल और केबिन क्रू से बातचीत की। इसके बाद उड़ान दल के दोनों सदस्यों से भी जांच दल ने पूछताछ की।'
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एएआईबी ने डीजीसीए से की कार्रवाई की सिफारिश
एएआईबी ने अपनी अंतरिम सुरक्षा सिफारिश में कहा, 'उड़ान दल के एक सदस्य में साइकोएक्टिव पदार्थ की जांच का परिणाम नॉन-नेगेटिव पाए जाने के मद्देनजर, यह सिफारिश की जाती है कि डीजीसीए साइकोएक्टिव पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए उचित समझी जाने वाली कार्रवाई करे।'
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घटना के चलते कई यात्री हुए थे घायल
4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट एआई 2379 एयरबस A320 विमान से संचालित हो रही थी। विमान में दो पायलट और छह केबिन क्रू समेत कुल 145 लोग सवार थे। इस घटना में एयरबस A320 विमान अचानक से 300 फुट नीचे आ गया था, जिससे कई यात्री घायल हुए थे और विमान में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी। इस घटना के बाद शुरुआती जांच में पायलट के नशे में होने की बात कही गई थी, जिसके बाद विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ गए थे।
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एएआईबी ने 10 पन्नों की अंतरिम रिपोर्ट दी
10 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, विमान के दिल्ली हवाईअड्डे पर उतरने के बाद 24 लोगों को चिकित्सकीय सहायता दी गई। इनमें से चार लोगों को गंभीर चोटें आई थीं। एजेंसी ने कहा, 'साइकोएक्टिव पदार्थ के सेवन की पुष्टि गंभीर चिंता का विषय है और एएआईबी प्राथमिकता के आधार पर डीजीसीए द्वारा उचित कार्रवाई की सिफारिश करता है।' एएआईबी ने कहा, 'जांच दल ने दिल्ली हवाईअड्डे पर उड़ान दल और केबिन क्रू से बातचीत की। इसके बाद उड़ान दल के दोनों सदस्यों से भी जांच दल ने पूछताछ की।'
एएआईबी की रिपोर्ट में क्या-क्या बताया गया?
रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान के ग्रीन हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी आई। इसके चार सेकेंड में विमान के ब्लू और येलो सिस्टम में भी तकनीकी दिक्कत आई। इस पर सह-पायलट, जो घटना के समय विमान उड़ा रहा था, उसकी प्रतिक्रिया के बाद कमांडिंग पायलट ने कंट्रोल अपने हाथ में लिया। इस दौरान विमान एक झटके में 292 फीट नीचे आ गया और फिर अचानक 372 फीट ऊपर गया। कुछ ही सेकेंड में विमान नियंत्रण में आ गया और विमान ने दिल्ली हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की।
रिपोर्ट में बताया गया है कि विमान ने फुकेट से उड़ान भरी थी, इसलिए नियमों के तहत दिल्ली पहुंचने पर दोनों पायलटों का ब्रीद-एनालाइजर टेस्ट किया गया। ब्रीद एनालाइजर टेस्ट में दोनों पायलटों के शराब नहीं पीने की पुष्टि हुई थी। हालांकि साइको एक्टिव ड्रग की जांच में कमांडिंग पायलट को नॉन निगेटिव बताया गया और सह-पायलट की जांच निगेटिव आई। बाद में खून की जांच में भी कमांडिंग पायलट का ड्रग टेस्ट नॉन निगेटिव आया था। सह-पायलट, खून की जांच में भी निगेटिव पाया गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान के ग्रीन हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी आई। इसके चार सेकेंड में विमान के ब्लू और येलो सिस्टम में भी तकनीकी दिक्कत आई। इस पर सह-पायलट, जो घटना के समय विमान उड़ा रहा था, उसकी प्रतिक्रिया के बाद कमांडिंग पायलट ने कंट्रोल अपने हाथ में लिया। इस दौरान विमान एक झटके में 292 फीट नीचे आ गया और फिर अचानक 372 फीट ऊपर गया। कुछ ही सेकेंड में विमान नियंत्रण में आ गया और विमान ने दिल्ली हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की।
रिपोर्ट में बताया गया है कि विमान ने फुकेट से उड़ान भरी थी, इसलिए नियमों के तहत दिल्ली पहुंचने पर दोनों पायलटों का ब्रीद-एनालाइजर टेस्ट किया गया। ब्रीद एनालाइजर टेस्ट में दोनों पायलटों के शराब नहीं पीने की पुष्टि हुई थी। हालांकि साइको एक्टिव ड्रग की जांच में कमांडिंग पायलट को नॉन निगेटिव बताया गया और सह-पायलट की जांच निगेटिव आई। बाद में खून की जांच में भी कमांडिंग पायलट का ड्रग टेस्ट नॉन निगेटिव आया था। सह-पायलट, खून की जांच में भी निगेटिव पाया गया।