एअर इंडिया : हिंदुकुश के रास्ते जाने लगे विमान, किसान की बेटी को मिली तीन करोड़ की छात्रवृत्ति, पढ़ें देश की चार खबरें
अफगानिस्तान का हवाई क्षेत्र बंद होने के चलते टाटा के स्वामित्व वाली एअर इंडिया की उड़ानें भारत से पश्चिमी देशों के लिए हिंदुकुश के रास्ते जाने लगी हैं। दुनिया के सबसे ऊंचे मार्गों में शुमार हिंदुकुश के जरिये उड़ानों का समय घटने के साथ-साथ ईंधन भी बचेगा।
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एअर इंडिया के विमान अमेरिका और यूरोप के लिए ‘हिंदुकुश’ पर्वत के ऊपर से उड़ान भरने लगे हैं, जो दुनिया के सबसे ऊंचे हवाई मार्गों में से एक है। बताया जा रहा है कि इससे न सिर्फ उड़ान समय कम होगा बल्कि ईंधन की भी बचत होगी।
एक कंपनी अधिकारी के मुताबिक, अफगानिस्तान का हवाई क्षेत्र बंद होने के चलते टाटा के स्वामित्व वाली एअर इंडिया की उड़ानें भारत से पश्चिमी देशों के लिए हिंदुकुश के रास्ते जाने लगी हैं। दुनिया के सबसे ऊंचे मार्गों में शुमार हिंदुकुश के जरिये उड़ानों का समय घटने के साथ-साथ ईंधन भी बचेगा। आइए जानते हैं देश की अन्य महत्वपूर्ण खबरें...
किसान की बेटी को मिली तीन करोड़ की छात्रवृत्ति
भारत की बेटी ने अमेरिका में अपने कौशल का डंका बजाया है। तमिलनाडु के इरोड जिले की रहने वाली 17 वर्षीय स्वेगा स्वामीनाथन को शिकागो यूनिवर्सिटी से बैचलर्स डिग्री पूरा करने के लिए तीन करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप मिली है। स्वेगा के पिता किसान हैं और इरोड जिले के कासीपाल्याम गांव के रहने वाले हैं। डेक्सटेरिटी ग्लोबल ने बताया, 14 वर्ष की उम्र में स्वेगा लीडरशिप डेवलपमेंट का प्रशिक्षण लेने आई थी, तभी उसके कौशल को भांप लिया गया था।
पूर्व सांसद और राजनयिक डॉ. गौरीशंकर राजहंस का निधन
झंझारपुर के पूर्व सांसद, पूर्व राजनयिक, पत्रकार एवं लेखक डॉ. गौरीशंकर राजहंस का निधन हो गया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा, पूर्व सांसद डॉ. राजहंस लाओस एवं कम्बोडिया के भारतीय राजदूत भी रहे थे। वह हिंदी के वरिष्ठ पत्रकार व लेखक भी। उनके निधन से राजनीतिक, साहित्यिक एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है।
35 वर्षीय गेब्रियल बोरिस बने चिली के सबसे युवा राष्ट्रपति
चिली में 35 वर्षीय वामपंथी नेता गेब्रियल बोरिस देश के अगले राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। राष्ट्रपति का चुनाव जीतने वाले वह चिली के सबसे युवा नेता हैं। 56% मत हासिल कर बोरिस ने दक्षिणपंथी नेता जोस एंतोनियो को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। बोरिस ने असमानता व गरीबी से निपटने के लिए युवा नेतृत्व वाली सरकार के गठन के लिए महीनों मेहनत की है।