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वायुसेना प्रमुख ने कहा : चीन-पाकिस्तान की हर चुनौती से निपटने को तैयार, सैन्य गतिरोध-साइबर मोर्चे से हमलों के लिए तैयारी जरूरी
Mon, 27 Jun 2022 07:08 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 27 Jun 2022 07:08 AM IST
सार
एक साक्षात्कार में चीन और पाकिस्तान की मिलीभगत से सैन्य खतरे से संभावित चुनौती पर एक सवाल के जवाब में वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने कहा कि सैन्य गतिरोध से लेकर भविष्य में सूचना हेरफेर और ब्लैकआउट तक और सुरक्षा सिद्धांतों, क्षमताओं को ऐसी संभावनाओं के मुताबिक तैयार करना होगा।
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Air Chief Marshal VR Chaudhari
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत को अपनी अस्थिर पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं की स्थिति को दो अलग मोर्चों की चुनौती के रूप में समझना चाहिए और उसके अनुसार तैयारी करनी चाहिए। भारत पर किसी भी मोर्चे से हमला किया जा सकता है। सैन्य गतिरोध से लेकर भविष्य में सूचना हेरफेर और ब्लैकआउट तक और सुरक्षा सिद्धांतों, क्षमताओं को ऐसी संभावनाओं के मुताबिक तैयार करना होगा। मौजूदा वक्त में वायुसेना हर चुनौती से निपटने को तैयार है।
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एक साक्षात्कार में चीन और पाकिस्तान की मिलीभगत से सैन्य खतरे से संभावित चुनौती पर एक सवाल के जवाब में वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने रविवार को यह कहा। उन्होंने कहा कि बीजिंग के साथ भारत के जुड़ाव पर वैश्विक घटनाओं और भू-राजनीतिक विकास के प्रभाव का सभी स्तरों पर व्यापक रूप से मूल्यांकन किया जा रहा है। कहा, एक राष्ट्र के रूप में हमें अपने तत्काल और भविष्य के खतरों की सटीक पहचान की आवश्यकता है ताकि उनका मुकाबला करने के लिए आवश्यक क्षमताएं विकसित की जा सकें।
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हर बड़े खतरे से निपटने में सक्षम होगी थिएटर कमांड
चौधरी ने कहा, तीनों सेनाओं की क्षमताओं और संसाधनों को एकीकृत कर उनका सर्वोत्तम उपयोग के लिए तैयार की जाने वाली थियेटर कमांड के लिए चल रहे विचार-विमर्श में निश्चित प्रगति हुई है। प्रत्येक थिएटर कमांड में थल सेना, नौसेना और वायु सेना की इकाइयां होंगी और ये सभी एक ऑपरेशनल कमांडर के तहत एक तय भौगोलिक क्षेत्र की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने वाली एक इकाई के रूप में काम करेंगी। मौजूदा समय में थल सेना, नौसेना और वायु सेना के पास अलग-अलग कमांड हैं।
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सीडीएस जनरल बिपिन रावत की अध्यक्षता में सैन्य मामलों के विभाग ने पिछले साल तीनों सेवाओं को थिएटर कमांड योजना पर स्वतंत्र अध्ययन करने के लिए कहा था। लेकिन, गत दिसंबर में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में जनरल रावत की मौत के बाद योजना पर विचार-विमर्श धीमा हो गया था।