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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा हलाला का इस्लाम से नहीं है कोई ताल्लुक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 13 Aug 2018 01:14 PM IST
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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि हलाला को इस्लाम की चीज बता कर पेश किया जा रहा है। पूरे देश में हलाला पर मुसलमानों को बदनाम करने और औरतों पर जुल्म करने का ताना दिया जा रहा है जबकि उस हलाला का इस्लाम से कोई ताल्लुक नहीं है।
बता दें कि अभी हाल ही में तीन तलाक पीड़िता ने अपने देवर और ननदोई पर हलाला के नाम पर गलत काम करने का आरोप लगाया है। उसने दोनों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। इससे पहले एक और महिला ने अपने ससुर पर हलाला करने का आरोप लगाया था। बाद में उसने बरेली में 6 अगस्त को केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की बहन फरहत नकवी से मुलाकात की थी। डा. समीना के आने की जानकारी मिलते ही लोगों ने उनको घेर लिया, तब वह तुर्तीपुर इल्हा से कचहरी के लिए जा रहीं थीं। यह जानकारी उन्होंने सीओ को दी। इसके बाद उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सकी।
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सुप्रीम कोर्ट में एक साथ तीन तलाक के खिलाफ याचिका दायर करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता डा. समीना के साथ तीन तलाक पीड़िता ने बुधवार को संभल में पत्रकार वार्ता की। पीड़िता नखासा थाना क्षेत्र की है। पांच वर्ष पहले उसकी शादी नखासा थाना क्षेत्र के ही एक मोहल्ले में हुई थी। उसके दो बच्चे भी हैं। इसी दौरान पति ने उस पर कई बार मायके से रुपये लाने के लिए दबाव बनाया। आरोप है कि रुपये नहीं लाने पर पति ने एक साथ तीन तलाक देने की धमकी दी।
उसके पति ने तीन महीने में एक साथ तीन तलाक देकर उसे निकाल दिया था। इसके बाद दोबारा रखने के लिए उस पर हलाला का दबाव बनाया गया। डा. समीना ने बताया कि पीड़िता की तरफ से थाने में तहरीर दी गई है। समीना ने ही उसका पक्ष रखा। पत्रकारों के पूछने पर उन्होंने उनकी बात पर हामी जरूर भरी, लेकिन कैमरे के सामने कुछ कहने से इनकार कर दिया। समीना का कहना है कि वह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कराएंगी।
थाना प्रभारी सर्वेद्र शर्मा ने तहरीर मिलने से इनकार किया है। सीओ सुदेश कुमार का कहना है कि पीड़िता ने ससुरालियों के खिलाफ चार अगस्त को दहेज उत्पीड़न की तहरीर दी थी, जिस पर रिपोर्ट दर्ज हो गई है।तीन तलाक या हलाला का कोई जिक्र तहरीर में नहीं है। अगर पीड़िता थाने आती है तो उसके मामले में जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। पहली बार जब हलाला कराया गया तो आंखों पर पट्टी बांध दी थी। हाथ पैरों को भी किसी चीज से बांधा गया था। ठीक इसी तरह दूसरी बार भी हलाला कराया गया। (यह बात पीड़िता के प्रार्थना पत्र का हिस्सा है)
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Halala ko Islam ki cheez bata kar bana kar pesh kiya hai&poore desh main jis Halala ko Islam ki taraf mansoob kiya gaya aur Islam ki cheez kaha gaya aur Islam&Muslamaano ko badnaam karne&aurton par zulmon karne ka taana diya gaya us Halala ka Islam se koi taalokh nahi hai: AIMPLB pic.twitter.com/YMd3ASxYqy
— ANI (@ANI) August 13, 2018विज्ञापन
बता दें कि अभी हाल ही में तीन तलाक पीड़िता ने अपने देवर और ननदोई पर हलाला के नाम पर गलत काम करने का आरोप लगाया है। उसने दोनों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। इससे पहले एक और महिला ने अपने ससुर पर हलाला करने का आरोप लगाया था। बाद में उसने बरेली में 6 अगस्त को केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की बहन फरहत नकवी से मुलाकात की थी। डा. समीना के आने की जानकारी मिलते ही लोगों ने उनको घेर लिया, तब वह तुर्तीपुर इल्हा से कचहरी के लिए जा रहीं थीं। यह जानकारी उन्होंने सीओ को दी। इसके बाद उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सकी।
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सुप्रीम कोर्ट में एक साथ तीन तलाक के खिलाफ याचिका दायर करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता डा. समीना के साथ तीन तलाक पीड़िता ने बुधवार को संभल में पत्रकार वार्ता की। पीड़िता नखासा थाना क्षेत्र की है। पांच वर्ष पहले उसकी शादी नखासा थाना क्षेत्र के ही एक मोहल्ले में हुई थी। उसके दो बच्चे भी हैं। इसी दौरान पति ने उस पर कई बार मायके से रुपये लाने के लिए दबाव बनाया। आरोप है कि रुपये नहीं लाने पर पति ने एक साथ तीन तलाक देने की धमकी दी।
उसके पति ने तीन महीने में एक साथ तीन तलाक देकर उसे निकाल दिया था। इसके बाद दोबारा रखने के लिए उस पर हलाला का दबाव बनाया गया। डा. समीना ने बताया कि पीड़िता की तरफ से थाने में तहरीर दी गई है। समीना ने ही उसका पक्ष रखा। पत्रकारों के पूछने पर उन्होंने उनकी बात पर हामी जरूर भरी, लेकिन कैमरे के सामने कुछ कहने से इनकार कर दिया। समीना का कहना है कि वह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कराएंगी।
थाना प्रभारी सर्वेद्र शर्मा ने तहरीर मिलने से इनकार किया है। सीओ सुदेश कुमार का कहना है कि पीड़िता ने ससुरालियों के खिलाफ चार अगस्त को दहेज उत्पीड़न की तहरीर दी थी, जिस पर रिपोर्ट दर्ज हो गई है।तीन तलाक या हलाला का कोई जिक्र तहरीर में नहीं है। अगर पीड़िता थाने आती है तो उसके मामले में जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। पहली बार जब हलाला कराया गया तो आंखों पर पट्टी बांध दी थी। हाथ पैरों को भी किसी चीज से बांधा गया था। ठीक इसी तरह दूसरी बार भी हलाला कराया गया। (यह बात पीड़िता के प्रार्थना पत्र का हिस्सा है)