नागरिकता विधेयक: ओवैसी का सरकार पर हमला, कहा- ये आंबेडकर और महात्मा गांधी का अपमान
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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईेएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा कि भारतीय संविधान में लिखा गया है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट सही हैं कि पूर्वोत्तर राज्यों को प्रस्तावित नागरिकता (संशोधन) विधेयक (सीएबी) कानून में छूट दी जाएगी तो यह अपने आप में अनुच्छेद 14 का बहुत बड़ा उल्लंघन है जो कि एक मौलिक अधिकार है। आपके पास देश में नागरिकता पर दो कानून नहीं हो सकते।
Asaduddin Owaisi, AIMIM: This law also violates Article 14&21 because you are giving citizenship on the basis of religion which contravenes both the Articles. If we pass this law then it will be a disrespect towards Mahatma Gandhi and Ambedkar, the architect of the Constitution. https://t.co/WbXaMnJ7gK
— ANI (@ANI) December 4, 2019
ओवैसी ने कहा कि यह कानून अनुच्छेद 14 और 21 का भी उल्लंघन करता है क्योंकि आप धर्म के आधार पर नागरिकता दे रहे हैं जो दोनों अनुच्छेद का उल्लंघन करता है। अगर हम इस कानून को पारित करते हैं तो यह संविधान के निर्माता भीमराव आंबेडकर और महात्मा गांधी के प्रति अनादर होगा।
उन्होंने आग कहा कि नागरिकता कानून लाना हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान होगा क्योंकि आप दो राष्ट्र सिद्धांत को पुनर्जीवित करेंगे। एक भारतीय मुसलमान के रूप में मैंने जिन्ना के सिद्धांत को खारिज कर दिया है, अब आप एक कानून बना रहे हैं, जिसमें दुर्भाग्य से आप दो राष्ट्र सिद्धांत की याद दिला रहे होंगे।
Asaduddin Owaisi,AIMIM:Bringing CAB will be a dishonour to our freedom fighters because you will be reviving the two nation theory. As an Indian Muslim I rejected Jinnah's theory now you are making a law wherein unfortunately you will be reminding the nation of two nation theory. pic.twitter.com/HpGip9zFZ7
— ANI (@ANI) December 4, 2019
ओवैसी ने कहा, ऐसे कानून से भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजाक बनेगा। भाजपा मुसलमानों को यह संदेश देना चाहती है कि वे इस देश के दूसरे दर्जे के नागरिक हैं। भाजपा सांसद संघ की विचारधारा को दिखा रहे हैं। जब तक इस देश में संविधान है, तब तक देश को धर्म शासित देश नहीं बनाया जा सकता।