फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   aiims new study on covid 19 said covid 19 killed more people under 50 than any other age group

कोरोना: दूसरे आयुवर्ग की तुलना में 50 साल से कम उम्र वाले लोगों की ज्यादा जान गई, एम्स के शोध का दावा

Tue, 29 Jun 2021 09:20 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Tue, 29 Jun 2021 09:20 AM IST
सार

एम्स की ओर से किए गए शोध के मुताबिक, कोरोना वायरस की वजह से 50 साल से कम उम्र वाले लोगों की ज्यादा जान गई है। हालांकि डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि सिर्फ वैक्सीन के सहारे ही कोरोना की जंग को जीता जा सकता है।

विज्ञापन
aiims new study on covid 19 said covid 19 killed more people under 50 than any other age group
कोरोना वायरस (सांकेतिक फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना वायरस को लेकर एम्स नई दिल्ली की ओर से की गए नए शोध के मुताबिक, इस खतरनाक वायरस ने 65 साल की उम्र वाले बुजुर्ग लोगों की तुलना में 50 साल से कम उम्र वाले लोगों को अपना शिकार बनाया। कोरोना वायरस की वजह से जो मौतें हुईं, उसमें ज्यादातर लोगों की उम्र 50 साल से कम है।

विज्ञापन


ये नया शोध के लेखकों में एम्स निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया, एम्स ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख डॉक्टर राकेश मल्होत्रा और दूसरे डॉक्टर शामिल हैं। ये शोध क्रिटिकल केयर मेडिसिन के भारतीय जर्नल में छापा गया है। इस शोध में बीते साल अप्रैल से लेकर जुलाई तक हुई मौतों के आंकड़ों को समावेश किया है। 
विज्ञापन


शोधकर्ताओं ने ये स्टडी इसलिए की, ताकि ये पता लगाया जा सके कि कोरोना से होने वाली मौत के पीछे असल कारण क्या है। स्टडी अवधि के दौरान 654 व्यस्कों को आईसीयू में भर्ती किया गया था, जिनमें से 247 मरीजों की मौत हो गई और मृत्युदर 37.7 फीसदी हो गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


शोध को और सरल बनाने के लिए व्यस्कों को अलग-अलग समूह में उनकी आयु के हिसाब से बांटा गया। इन्हें तीन समूह में बांटा गया, जिसमें 18-50, 51-65 और 65 से अधिक उम्र वाले समूह शामिल है। शोध में पता चला कि 42.1 फीसदी मौतें 18-50 उम्र वाले समूह की थीं, 34.8 फीसदी मौतें 51-65 औऱ 23.1 फीसदी मौतें 65 साल से ज्यादा उम्र वाले समूह की थीं।

कोविड से होने वाली मौतों में सामान्य घटक हाइपरटेंशन, मधुमेह औऱ क्रोनिक किडनी रोग थे। इनमें से कुछ मरीज बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसी परेशानियों से भी जूझे। हालांकि एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी से बचने का एकमात्र इलाज और जरिया वैक्सीनेशन ही है। 


डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि बच्चों के लिए कोविड-19 वैक्सीन बनना किसी ऐतिहासिक पल से कम नहीं होगा और एक बार बच्चों के लिए वैक्सीन बन जाने से स्कूलों और कॉलेज को भी दोबारा खोला जा सकेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed