फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   AIGF claims Government faces annual loss from illegal gaming companies users also affected

AIGF: अवैध गेमिंग के कारण सरकार को 20897 करोड़ का नुकसान, यूजर्स को भी चपत; सट्टेबाजी-जुआ मंच जुटा रहे करोड़ों

Fri, 19 Apr 2024 07:47 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: यशोधन शर्मा Updated Fri, 19 Apr 2024 07:47 AM IST
सार

लैंडर्स ने कहा, विदेशी अवैध सट्टेबाजी और जुआ मंच एक साल में 12 अरब डॉलर (एक लाख करोड़ रुपये) की रकम जुटा रहे हैं। इसका मतलब है कि सरकार को जीएसटी राजस्व में सालाना कम-से-कम 2.5 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है। 

विज्ञापन
AIGF claims Government faces annual loss from illegal gaming companies users also affected
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

अवैध सट्टेबाजी और जुए से जुड़ी विदेशी कंपनियों से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के रूप में सरकारी खजाने के हर साल 2.5 अरब डॉलर (20,897.08 करोड़ रुपये) का भारी नुकसान हो रहा है। गेमिंग उद्योग निकाय ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन (एआईजीएफ) ने केंद्र सरकार से ऐसे अवैध विदेशी मंचों पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

विज्ञापन


एआईजीएफ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रोलैंड लैंडर्स ने कहा, विदेशी कंपनियां अवैध सट्टेबाजी और जुए से विभिन्न खेलों को जोड़ती हैं। इससे उपयोगकर्ता वैध और अवैध गेमिंग के बीच अंतर नहीं कर पाते हैं। इस तरह, अवैध सट्टेबाजी और जुए से जुड़ी विदेशी कंपनियां उपयोगकर्ताओं को चपत लगा रही हैं। इससे भारत में वैध उद्योग को भी नुकसान पहुंच सकता है।
विज्ञापन


लैंडर्स ने कहा, विदेशी अवैध सट्टेबाजी और जुआ मंच एक साल में 12 अरब डॉलर (एक लाख करोड़ रुपये) की रकम जुटा रहे हैं। इसका मतलब है कि सरकार को जीएसटी राजस्व में सालाना कम-से-कम 2.5 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जीएसटी-टीडीएस पर बेबाकी से प्रचार
संगठन के सीईओ ने कहा, विदेशी अवैध गेमिंग कंपनियों ने उपयोगकर्ताओं को लुभाने के लिए मौजूदा आईपीएल सीजन के दौरान विज्ञापनों में तेजी से बढ़ोतरी की है। इनमें कई कंपनियां इतनी हिम्मत दिखा रही हैं कि अपने मंच पर कोई जीएसटी या टीडीएस नहीं लगने का बेबाकी से प्रचार कर रही हैं। लैंडर्स ने कहा, विदेशी कंपनियां अक्सर उपयोगकर्ताओं को नुकसान पहुंचाती हैं। वे वैध और अवैध गेमिंग कंपनियों के बीच भ्रमित हो जाते हैं। उपयोगकर्ताओं को इनके चंगुल से बचाने के लिए कठोर कदम उठाना जरूरी है।

एसआरओ मॉडल से खतरे को रोकने में मिलेगी मदद  
गेमिंग निकाय का कहना है कि अवैध मंचों के खतरे को रोकने में मदद के लिए सरकार को स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) जैसे मॉडल में तेजी लानी चाहिए। विदेशी संस्थाओं का भारत में कोई अधिकारी नहीं है। एसआरओ जैसी संस्था के जरिये जांच से वैध और अवैध मंचों के बीच अंतर करने में मदद मिल सकती है।


आवेदन की अब तक कोई अपडेट जानकारी नहीं
सरकार ने एसआरओ लाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन 90 दिन की निर्धारित समय सीमा के भीतर ऐसा नहीं किया जा सका। उद्योग से जुड़ी कुछ कंपनियों ने इसकी स्थापना के लिए आवेदन किया था। लैंडर्स ने कहा, एआईजीएफ को कंपनियों की ओर से दिए आवेदन पर अपडेट जानकारी नहीं मिली है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed