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अध्ययन: डिजिटल नौकरियां सिमटीं...एआई, डाटा व साइबर सिक्योरिटी में बूम

Wed, 26 Nov 2025 04:34 AM IST
लव गौर अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क Published by: लव गौर Updated Wed, 26 Nov 2025 04:34 AM IST
सार

Artificial Intelligence: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत के रोजगार परिदृश्य में सबसे गहरा परिवर्तन आईटी सेवाओं और बीपीओ सेक्टर में ला रहा है। नासकॉम और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के ताजा विश्लेषण में बदलती तस्वीर सामने आई है। 

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AI is bringing most profound changes to Indias employment landscape in IT services and BPO sectors
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत के रोजगार परिदृश्य में सबसे गहरा परिवर्तन आईटी सेवाओं और बीपीओ सेक्टर में ला रहा है। कुछ वर्ष पहले तक जहां बड़ी संख्या में युवाओं को डाटा प्रोसेसिंग, सपोर्ट सर्विस और बेसिक कोडिंग जैसे कार्यों के लिए नियुक्त किया जाता था, वहीं अब इन कामों को तेजी से ऑटोमेशन और एआई सॉफ्टवेयर संभाल रहा है।
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इसके चलते पारंपरिक डिजिटल नौकरियों में कमी दिखाई दे रही है, जबकि एआई, डाटा और साइबर सिक्योरिटी जैसी नई भूमिकाओं में अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। नासकॉम और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के ताजा विश्लेषण के अनुसार यह परिवर्तन स्थायी है और आने वाले वर्षों में भारत की वर्कफोर्स को कौशल आधारित प्रतिस्पर्धा की ओर बढ़ना ही होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का आईटी सर्विस और बीपीओ सेक्टर पर सबसे पहला और सीधा असर पड़ा है।
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पिछले दो दशकों तक इस उद्योग का स्वरूप बड़ी टीमों के साथ क्लाइंट के लिए सपोर्ट, टेस्टिंग, डेटा मैनेजमेंट और प्रोसेस एक्सीक्यूशन पर आधारित था, लेकिन अब चैटबॉट्स, कोडिंग असिस्टेंट, डेटा प्रोसेसिंग मॉडल जैसे टूल्स बड़ी संख्या में कार्यों को संभाल रहे हैं। इससे भर्ती की गति धीमी होती गई है और फ्रेशर्स के लिए जॉब चुनौतीपूर्ण बन गया है। कई कंपनियों ने हायरिंग फ्रीज नीति अपनाई और अब स्किलफुल हायरिंग का मॉडल अपनाया जा रहा है।
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आईटी क्षेत्र उच्च मूल्य वाले कौशलों की ओर स्थानांतरित
इसके उलट एआई के कारण आईटी क्षेत्र की मांग समाप्त नहीं हुई बल्कि वह उच्च मूल्य वाले कौशल की ओर स्थानांतरित हो गई है। रिपोर्ट संकेत देती है कि डाटा साइंटिस्ट, बिजनेस एनालिस्ट, मशीन लर्निंग इंजीनियर, साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ, क्लाउड आर्किटेक्ट,डीईवीऑप्स, एमएल ऑप्स  प्रॉम्प्ट इंजीनियर, एआई वर्कफ्लो ऑटोमेशन विशेषज्ञ, प्रोडक्ट मैनेजमेंट और यूएक्स डिजाइन जैसी भूमिकाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इस कारण आईटी सेक्टर भर्ती को कम नहीं कर रहा, बल्कि अपने स्वरूप और अपेक्षाओं को बदल रहा है, जहां केवल तकनीकी ज्ञान नहीं बल्कि समस्या समाधान क्षमता, व्यावसायिक समझ और प्रोजेक्ट अनुभव को प्राथमिकता दी जा रही है।


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कंपनियों की रणनीति स्किल मॉडल की ओर
रोजगार विशेषज्ञों के अनुसार कंपनियों की रणनीति तेजी से डिग्री नहीं, स्किल मॉडल की ओर बढ़ रही है। अब उम्मीदवार की सफलता इस पर निर्भर करती है कि वह क्या कर सकता है और कितनी दक्षता से कर सकता है। गिटहब प्रोफाइल, पोर्टफोलियो, प्रोजेक्ट अनुभव और हैंड्स-ऑन प्रैक्टिस अब किसी भी सीवी से अधिक महत्वपूर्ण हो चुके हैं और फ्रेशर्स की हायरिंग अब कौशल परीक्षण और मिनी प्रोजेक्ट के आधार पर होने लगी है। इंटर्नशिप से फुल टाइम भूमिका में प्रवेश भी बढ़ रहा है क्योंकि कंपनियां प्रशिक्षित प्रतिभा को खोने के बजाय बनाए रखना चाहती हैं।
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