AAIB Report: टक्कर के वक्त आठ डिग्री पर थी विमान की नोज और पंख, जानें एअर इंडिया विमान हादसे की 10 बड़ी बातें
Air India Plane Crash AAIB Report: अहमदाबाद विमान दुर्घटना पर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट नागरिक विमानन मंत्रालय को सौंप दी है। 15 पन्नों की इस रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आइये जानते हैं AAIB ने रिपोर्ट में क्या कहा...।
विस्तार
अहमदाबाद में 12 जून को हुए एअर इंडिया विमान हादसे को लेकर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है। 15 पन्नों की इस रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट में दुर्घटना का सबसे बड़ा कारण विमान के दोनों इंजनों में फ्यूल की सप्लाई बंद होना बताया गया है। हालांकि, विस्तृत जांच, विश्लेषण और साक्ष्य संग्रह अभी भी जारी हैं। इसलिए अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। आइए जानते हैं एअर इंडिया विमान हादसे की 10 बड़ी बातें...।
1. पहले पेड़ और फिर हॉस्टल से टकराया विमान
रिपोर्ट में कहा गया है कि उड़ान भरने के बाद जैसे ही विमान नीचे आने लगा तो सबसे पहले वह पेड़ों से टकराया। इसके बाद सेना के चिकित्सा कोर परिसर की चिमनी और इसके बाद विमान मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की उत्तर पूर्वी दीवार से टकराया। पेड़ और हॉस्टल की दीवार के बीच की दूरी 293 फीट थी।

3. उड़ान के तीन सेकेंड बाद बंद हुई ईंधन आपूर्ति, 29 सेकेंड में विमान क्रैश
रिपोर्ट के मुताबिक, एअर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान (एआई 171) 12 जून को जब अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने लगा तो केवल तीन सेकेंड बाद ही ईंधन की आपूर्ति बंद हो गई। टेकऑफ के बाद दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति बंद होते ही केवल 29 सेकेंड बाद विमान मेघाणीनगर में क्रैश हो गया।
4.ईंधन कट ऑफ होने को लेकर पायलट के बीच हुई थी बात
रिपोर्ट में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में इंजन बंद होने को लेकर पायलट और को-पायलट के बीच बातचीत को शामिल किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक पायलट सुमित सभरवाल ने अपने को-पायलट क्लाइव कुंदर से सवाल पूछा- तुमने इंजन ईंधन क्यों बंद किया? इसके जवाब में को-पायलट क्लाइव कुंदर ने कहा, मैंने नहीं किया। ऐसे में यह एक संभावित तकनीकी खामी हो सकती है।
5. थ्रस्ट लीवर आगे की ओर थे
रिपोर्ट में सामने आई तस्वीरों में देख सकते हैं कि फ्लैप सेटिंग (5 डिग्री) और गियर नीचे की ओर उड़ान भरने के लिए सामान्य थे। ईएएफआर (विस्तारित एयरफ्रेम उड़ान रिकॉर्डर) डेटा से पता चला कि टक्कर के समय तक थ्रस्ट लीवर आगे (टेकऑफ थ्रस्ट) की स्थिति में ही बने रहे। दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच रन स्थिति में पाए गए। रिवर्सर लीवर मुड़े हुए थे, लेकिन स्टोव्ड स्थिति में (नीचे की ओर) थे।
6. 625 फीट की ऊंचाई से गिरा था विमान
रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान ने 12 जून की दोपहर 1:39 बजे रनवे 23 से उड़ान भरी थी। विमान का आखिरी सिग्नल 190 मीटर (625 फीट) की ऊंचाई पर मिला, जो उड़ान भरने के तुरंत बाद आया था। ईएएफआर रिकॉर्डिंग 08:09:11 बजे रुकी। इससे पहले लगभग 08:09:05 बजे एक पायलट ने 'मेडे-मेडे' की कॉल भेजी। इस पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने प्रतिक्रिया दी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद आपात प्रतिक्रिया दल को सक्रिय कर दिया गया। 08:14:44 बजे एयरपोर्ट से फायर टेंडर रवाना हुआ।

7. ईंधन में कोई खराबी नहीं
रिपोर्ट के अनुसार, हादसे से पहले विमान में डाला गया ईंधन भी पूरी तरह से मानकों के अनुरूप पाया गया। फ्यूल बाउजर और टैंकों से लिए गए सैंपल्स को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की लैब में जांचा गया और सभी सैंपल संतोषजनक पाए गए। इसका मतलब है कि ईंधन की गुणवत्ता में कोई खराबी नहीं थी।
8.हवाई अड्डे की दीवार पार करते ही गिरा विमान
रिपोर्ट में कहा गया कि 213.4 टन वजन के साथ उड़ा विमान हवाई अड्डे की परिधि की दीवार पार करने से पहले ही नीचे आने लगा। इस समय विमान में 54,200 किलोग्राम फ्यूल था और टेक-ऑफ वजन 2,13,401 किलोग्राम रहा, जो अधिकतम अनुमत वजन 2,18,183 किलोग्राम से कम था। जांच एजेंसी ने इस दुर्घटना में तोड़फोड़ या किसी पक्षी के टकराने की आशंका से इनकार किया है।
9.पायलटों का अनुभव
जांच रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख भी किया गया है कि विमान के पायलट (कैप्टन) के पास उड़ान का कितना अनुभव था। इसके मुताबिक कप्तान के पास 15,000 घंटे से अधिक का अनुभव था, जबकि सह-पायलट के पास 3,400 घंटे उड़ान का अनुभव था।
10. बोइंग या जनरल इलेक्ट्रिक के लिए फिलहाल चेतावनी की सिफारिश नहीं
जांच में विमान के देखरेख और रखरखाव में कोई बड़ी लापरवाही सामने नहीं आई है। हालांकि, AAIB ने एक विशेष सलाह (SAIB) दी है। इसके मुताबिक विमानों के निरीक्षण को लेकर दिए गए सुझावों को एअर इंडिया ने अनिवार्य नहीं माना और फ्लाइट का निरीक्षण नहीं किया गया। AAIB ने साफ किया है कि अभी तक बोइंग 787-8 या GE GEnx इंजन ऑपरेटरों के लिए कोई सुरक्षा चेतावनी या सिफारिश जारी नहीं की गई है।
विमान दुर्घटना के बाद जांच में अब तक क्या-क्या हुआ
- ड्रोन फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी समेत मलबा स्थल की गतिविधियां पूरी हो चुकी हैं, और मलबे को हवाई अड्डे के पास एक सुरक्षित क्षेत्र में ले जाया गया है।
- दोनों इंजनों को मलबा स्थल से निकाल लिया गया है और हवाई अड्डे के एक हैंगर में अलग रखा गया है।
- आगे की जांच के लिए महत्वपूर्ण घटकों की पहचान कर उन्हें अलग रखा गया है।
- विमान में ईंधन भरने के लिए इस्तेमाल किए गए बोजर और टैंकों से लिए गए ईंधन के नमूनों का परीक्षण DGCA की प्रयोगशाला में किया गया और वे संतोषजनक पाए गए।
- APU फिल्टर और बाएं पंख के रिफ्यूल/जेटसन वाल्व से बहुत सीमित मात्रा में ईंधन के नमूने प्राप्त किए जा सके। इन नमूनों का परीक्षण एक उपयुक्त सुविधा में किया जाएगा, जो सीमित उपलब्ध मात्रा के साथ परीक्षण करने में सक्षम हो।
- अग्रिम EAFR से डाउनलोड किए गए EAFR डेटा का विस्तार से विश्लेषण किया जा रहा है।
- जांचकर्ताओं द्वारा गवाहों और जीवित यात्री के बयान प्राप्त कर लिए गए हैं।
- चालक दल और यात्रियों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का पूर्ण विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि एयरोमेडिकल निष्कर्षों की इंजीनियरिंग मूल्यांकन के साथ पुष्टि की जा सके।
- प्रारंभिक सुरागों के आधार पर अतिरिक्त विवरण एकत्र किए जा रहे हैं।
- जांच के इस चरण में, B787-8 और/या GE GEnx-1B इंजन संचालकों और निर्माताओं के लिए कोई अनुशंसित कार्रवाई नहीं है।
- जांच जारी है और जांच दल हितधारकों से मांगे जा रहे अतिरिक्त साक्ष्यों, अभिलेखों और सूचनाओं की समीक्षा और जांच करेगा।
संबंधित वीडियो
