मिशेल ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे को इटालियन से ब्रिटिश डील बनाने का प्रयास किया था
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अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर डील के बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल से ईडी की पूछताछ में सामने आया इै कि उसने इटालियन डील को ब्रिटिश डील बनाने का प्रयास किया था। हेलीकॉप्टर डील भारतीय कंपनियां टाटा और एचएएल के हाथ न लग सके, इसके लिए मिशेल ने उक्त मॉडस ऑपरेंडी का सहारा लिया था। खास बात है कि मिशेल को यह मॉडस ऑपरेंडी भारत के ही टॉप नौकरशाहों द्वारा बताई गई थी।
शनिवार को ईडी ने कोर्ट में मिशेल की पुलिस हिरासत बढ़वाने के लिए जो आधार बताए हैं, उनमें यह खुलासा हुआ है। ईडी के मुताबिक, मिशेल को भारतीय नौकरशाहों ने टाटा और एचएएल की क्षमता से जुड़ी हर फाइल मुहैया कराई थी। मिशेल को यह भी मालूम था कि वीवीआईपी हेलीकॉप्टर डील को किस तरह से एचएएल और टाटा के पास नहीं जाने देना है। इसके लिए उसने लाइट ऑब्जर्वेशन हेलीकॉप्टर की फाइल को आगे बढ़ा दिया।
चूंकि यह ब्रिटिश डील के हिसाब से अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की पफाइल जल्द पास हो जानी थी, इसलिए इसे इटालियन डील की जगह ब्रिटिश डील का नाम देने का प्रयास किया गया। ब्रिटिश कंपनी का नाम सामने आते ही एचएएल और टाटा कंपनी की फाइल नीचे दबा दी गई। उसने भारतीय अधिकारियों के समक्ष यह दलील दी थी कि ब्रिटिश डील का नाम सामने आने से फाइल को हर स्तर पर आसानी से मंजूरी मिल जाएगी। चौपर की शर्तों में कोई बदलाव भी नहीं करना पड़ेगा। ईडी ने कोर्ट में कहा है कि इन सब बातों में मिशेल का साथ-साथ किसने दिया है, यह पता लगाया जाएगा।
मिशेल के वकील ने उसे जो पर्ची दी थी, उसी पर मिसेज गांधी का नाम लिखा था
ईडी का कहना है कि मिशेल से मुलाकात करने के लिए उनके वकील एल्जो जोसेफ जब ईडी दफ्तर पहुंचे तो मिशेल ने उन्हें चुपके से एक पर्ची थमा दी थी। जोसेफ जब मिलने के लिए वहां पहुंचे तो वे एक मोबाइल फोन अपने साथ लाए थे। वह फोन उसने फाइलों के नीचे दबा रखा था। जोसेफ ने नियमों के खिलाफ जाकर मिशेल के बहुत करीब होकर मुलाकात की। जब वह उससे मिल रहा था तो मिशेल ने एक कागज अपने वकील को दे दिया था। मौके पर मौजूद ईडी की डिप्टी डायरेक्टर रमनजीत कौर ने यह सब देख लिया था।
उन्होंने वकील से वह कागज ले लिया। उस पर मिसेज गांधी के नाम के साथ कई सवालों की फेहरिस्त थी। मिशेल ने एयरफोर्स के अधिकारियों के नाम, मंत्रालय के अफसर और अपने कई सहयोगियों (राल्फ गिडो हैस्के और कार्लो गेरोसा) के दस्तावेजों को पहचान लिया है। ईडी का कहना है कि उसने किन-किन बिचौलियों को कितना पैसा दिया था, अब सात दिन की पूछताछ के दौरान उनके नाम मिशेल से पूछे जाएंगे। साथ ही हवाला के ज़रिए पैसे का जो लेन-देन हुआ, वह भी पता लगाया जाएगा।